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Manipur Violence: उग्रवादियों को हथियार देने के आरोप में नागालैंड के नेता गिरफ्तार, हथियार और गोला-बारूद कराते थे मुहैया

Manipur Violence: हिंसा की आज में जल रही मणिपुर में उग्रवादी समूहों को हथियार और गोला-बारूद मुहैया कराने के आरोप में NSCM (IM) के एक वरिष्ठ नेता को भारतीय सेना के जवानों ने गिरफ्तार किया है।

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उग्रवादियों को हथियार देने के आरोप में नागालैंड के नेता गिरफ्तार, हथियार और गोला-बारूद कराते थे मुहैया

manipur violence : मणिपुर में हिंसा काबू करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बीच भारतीय सेना को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सेना ने हिंसा की आग में जल रही मणिपुर में विद्रोही समूहों को आधुनिक हथियार और गोला-बारूद मुहैया कराने के आरोप में NSCM (IM) के एक वरिष्ठ नेता को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार नेता की पहचान नगथिंगपम शिमराह के रूप में की गई है, जो नगालैंड स्थित संगठन का डिप्टी किलोनसर है। NSCM (IM) नेता को भारतीय सेना के जवानों ने मणिपुर में हिंसा भड़काने के लिए भारी मात्रा में आधुनिक गन और गोला-बारूद की तस्करी की कोशिश में गिरफ्तार किया। इस बीच इस पार्टी का कहना है कि अगर शिमराह मणिपुर में विद्रोही समूहों को हथियारों को मुहैया कराने में दोषी साबित हो जाता है तो पार्टी अपने नेता के खिलाफ कार्रवाई करेगा।


पुलिस इंस्पेक्टर की मिलीभगत से होता था काम

बता दें कि गिरफ्तार आईएम नेता शिमराह ने नगालैंड के एक पुलिस इंस्पेक्टर की मिलीभगत से मणिपुर में उग्रवादी समूहों को हथियारों की मुहैया कराने का नेक्सस तैयार किया था। इसमें कुछ और लोग भी शामिल थे। इन्ही के जरिए हथियारों को नागालैंड से मणिपुर से उन उग्रवादी संगठनों को भेजा जाता था जिनसे इनकी डील होती थी।

बता दें कि नगालैंड पुलिस के एक इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी को इस गुरुवार को राज्य पुलिस के शस्त्रागार से गोला-बारूद चुराने और उन्हें मणिपुर में उग्रवादी समूहों को बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस पूरे मामले पर नगालैंड के सीएम नेफ्यू रियो का कहना है कि अभी मामले की जांच चल रही है, कानून अपना काम करेगा।

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19 जुलाई को उबल पड़ा पूरा देश

मणिपुर में कुकी और मेतैई समुदाय के बीच जारी हिंसा के बीच 19 जुलाई की शाम को एक वीभत्स घटना का वीडियो वायरल हो गया। जिसमें दरिंदो की एक भीड़ द्वारा दो आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र परेड कराया जा रहा था। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता था की दोनों महिलाएं कितनी असहाय थीं।

जैसे ही यह वीडियो सामने आया पूरा देश गुस्से से उबल पड़ा। हर जगह इन दरिंदों पर कार्रवाई की मांग उठने लगी। जिसके बाद इस केस को CBI को सौंपने का फैसला लिया गया ताकि जल्द से जल्द सभी दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो सके।

जानिए पूरा मामला

बता दें कि, अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च के आयोजन के बाद पहली बार 3 मई को झड़पें हुई थीं। मेइती समुदाय मणिपुर की आबादी का लगभग 53 प्रतिशत हैं और ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं।जनजातीय नागा और कुकी जनसंख्या का 40 प्रतिशत हिस्सा हैं और पहाड़ी जिलों में निवास करते हैं। राज्य में शांति बहाल करने के लिए करीब 35,000 सेना और असम राइफल्स के जवानों को तैनात किया गया है।

लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद भी कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा है, जिस कारण आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब तक इस हिंसा में 145 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 3500 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। केंद्र की मोदी और राज्य की बिरेन सरकार अब तक इस मसले पर पूरी तरह विफल दिखी है।

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