
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नरेंद्र नारायण यादव शुक्रवार को सर्वसम्मति से बिहार विधान सभा के उपाध्यक्ष चुन लिए गए। विधानसभा की कार्रवाई शुरू होते ही सभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने बताया कि उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए कुल 11 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं । सभी प्रस्ताव एक ही सदस्य नरेंद्र नारायण यादव के संबंध प्राप्त हुए हैं । उन्होंने प्रथम प्रस्तावक होने के नाते उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को सदन में प्रस्ताव पेश करने की अनुमति दी । विजय कुमार सिन्हा ने नरेंद्र नारायण यादव के उपाध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव पेश किया, जिसका अनुमोदन मंत्री प्रेम कुमार ने किया। इसके बाद सर्वसम्मति से नरेंद्र नारायण यादव को उपाध्यक्ष चुन लिया गया।
स्वाभाव से विनम्र और मृदुभाषी हैं
सभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने श्री नरेंद्र नारायण यादव को बिहार विधानसभा के 19वें उपाध्यक्ष चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा कि वर्ष 1995 से वह लगातार आलमनगर क्षेत्र से इस सदन के सदस्य रहे हैं । विधानसभा पहुंचने से पहले वह आलमनगर पंचायत समिति के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। जमीनी स्तर से उठकर उपर आए श्री नरेंद्र नारायण यादव राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री भी रह चुके हैं । वह विनम्र और मृदुभाषी व्यक्ति हैं ।
नंद किशोर यादव ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर के नेतृत्व में राजनीति में पदार्पण करने वाले नरेंद्र नारायण यादव हमेशा जनता से जुड़े रहे हैं । कई राजनीतिक घटनाक्रमों में बदलाव हुए लेकिन आलमनगर की जनता ने हमेशा उनके के प्रति ही अपना विश्वास दिखाया है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि नरेंद्र नारायण यादव के अनुभव का लाभ सदन को मिलेगा और वह इस नए उत्तरदायित्व का कुशलता पूर्वक निर्वहन करेंगे ।
नरेंद्र नारायण यादव का सियासी सफर
नरेंद्र नारायण यादव ने 1968 में अपना राजनीतिक सफर शुरू किया। जेपी आंदोलन के समय वो लोगों की नजरों में आए। लंबे संघर्ष और मेहनत के बाद, 1995 में उन्हें आलमनगर से विधानसभा के सदस्य के रूप में पहली बार चुना गया। तब से वे लगातार आलमनगर से विधायक रहे हैं। यह उनका सातवां कार्यकाल है। 2005 में, उन्हें पहली बार मंत्री बनने का मौका मिला, और नीतीश कुमार की सरकार में उन्होंने ग्रामीण कार्य मंत्री का कार्य निभाया।
इसके बाद, 2010-2014 तक, वे प्रदेश में राजस्व और भूमि सुधार के साथ ही विधि विभाग के मंत्री रहे। मांझी की जगह एक बार फिर नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनते ही, नरेंद्र नारायण यादव को फिर से राजस्व और भूमि सुधार के साथ ही विधि विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई और अब बिहार विधान सभा के अगले उपाध्यक्ष होंगे।
Published on:
23 Feb 2024 02:45 pm
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