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Job Loss Insurance : अब नौकरी जाने पर भी लोन की टेंशन नहीं, आपका ईएमआई भरेगा जॉब लॉस इंश्योरेंस

Job Loss Insurance Policy India : अब नौकरी जाने पर ईएमआई (EMI) का डर आपको नहीं सताएगा। अब कई बीमा कंपनियां, बैंक और एनबीएफसी (NBFC) आजकल लोगों की सैलरी (Salary) और जॉब का इंश्योरेंस करते हैं। इसे जॉब लॉस इंश्योरेंस कहा जाता है।

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Job Loss Insurance : भारत सहित दुनियाभर में पिछले दो साल से छंटनी का दौर जारी है। आइटी सेक्टर हो या फिनटेक या फिर स्टार्टअप्स, देशी-विदेशी कंपनियां हजारों की संख्या में छंटनी कर रही हैं। इनमें से बहुत से कर्मचारियों ने होम लोन या ऑटो लोन लिया हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि छंटनी के इस दौर में अगर किसी के साथ ऐसा संकट आ जाए तो उसकी ईएमआइ का क्या होगा?

कर्मचारी नौकरी के बिना आखिर कैसे अपना कर्ज चुकाएगा और अगली नौकरी मिलने तक ईएमआइ की व्यवस्था कहां से करेगा? इसलिए ऐसे समय में जब नौकरियों पर संकट छाया हुआ है तो आपके पास कुछ समय के लिए अपना कर्ज चुकाने का विकल्प जरूर होना चाहिए। इस समस्या का समाधान है जॉब लॉस इंश्योरेंस। तमाम बीमा कंपनियां, बैंक और एनबीएफसी आजकल लोगों की सैलरी और जॉब का इंश्योरेंस करते हैं।


यह लाइफ इंश्योरेंस का ही एड-ऑन फीचर होता है, जो क्रेडिट प्रोटेक्शन लाइफ इंश्योरेंस के रूप में मिलता है। कुछ बीमा कंपनियां इसे जीवन बीमा के साथ बेचती हैं, तो कुछ अलग से भी देती हैं। इसके जरिए नौकरी जाने की स्थिति में क्रेडिट कार्ड का बिल, होम या ऑटो लोन की ईएमआइ चुकाई जा सकती है।


ऐसा नहीं है कि हर कोई यह इंश्योरेंस खरीद सकता है। जॉब लॉस इंश्योरेंस के लिए कंपनियां सभी को योग्य नहीं मानती हैं। ऐसे कर्मचारियों को ही यह इंश्योरेंस दिया जाता है जो फुल टाइम जॉब करते हैं। रिटायर, बेरोजगार, सेल्फ एम्पलॉयड और अस्थायी नौकरी करने वालों को इस तरह का बीमा नहीं दिया जाता है। इसके अलावा बीमा कंपनियां उम्र को लेकर भी कुछ प्रतिबंध लगाती हैं।


अमूमन जॉब लॉस इंश्योरेंस पॉलिसीधारक की 3 से 4 ईएमआइ का भुगतान करने के लिए होता है। मसलन, अगर किसी को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है तो उसे 3 से 4 महीने में नई जॉब तलाशनी होगी। तब तक के लिए बीमा कंपनियां आपकी ईएमआइ का भुगतान करेंगी। यानी जॉब लॉस इंश्योरेंस अस्थायी रूप से आपको ईएमआइ भुगतान की सुविधा देता है।


अमूमन जॉब लॉस इंश्योरेंस का प्रीमियम मूल बीमा के प्रीमियम का 3त्न से 5त्न तक होता है। मसलन, अगर आपने होम लोन लिया और साथ में जीवन बीमा भी कराया जिसका सालाना प्रीमियम 10,000 रुपए है तो जॉब लॉस इंश्योरेंस के लिए आपको 300 से 500 रुपए प्रीमियम देना पड़ सकता है।


इस एडऑन इंश्योरेंस में आपको होम लोन के पूरे टेन्योर तक इसका कवरेज नहीं मिलता है। आमतौर पर पॉलिसी खरीदने के 5 साल तक ही जॉब लॉस कवरेज मिलता है। यानी इस समय तक नौकरी पर संकट आता है तो ही आपकी ईएमआइ बीमा कंपनी भरेगी, लेकिन समय बीतने के बाद इसका कवरेज नहीं मिलेगा।