त्योहारी सीजन में देश में धनतेरस की बिक्री को लेकर बड़ा उत्साह है। इसके लिए बाजार में नए डिजाइन के गहने एवं आभूषण सहित अन्य वस्तुओं का प्रचुर मात्रा में स्टॉक रखा गया है।
10 नवंबर को धनतरेस और 12 नवंबर को दिवाली मानने के लिए बाजार पूरी तरह सज चुका है। कल यानी शुक्रवार को धनतेरस के मौके पर दिल्ली सहित देश भर के व्यापारियों के लिए माल की बिक्री का एक बड़ा दिन है जिसको लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां की गई है। इस बार मार्केट में चीनी या विदेशी सामान का नहीं बल्कि वोकल फॉर लोकल की धूम है। ऑल इंडिया ज्वेलर्स एवं गोल्डस्मिथ फेडरेशन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने धनतरेस के मौके पर देशभर में देशभर में 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार होने की उम्मीद जताई है।
इस दिवाली पर चीन को लगेगा तगड़ा झटका
पीएम मोदी ने अक्टूबर महीने के अंत में मन की बात के दौरान लोगों से लोकल समान खरीदने की अपील की थी। इसका बड़ा असर पिछली बार भी देखने को मिला था और इस बार भी ऐसी ही उम्मीद जताई जा रही है। बड़े बड़े व्यापारियों का कहना है कि लोग विदेशी सामान के मुकाबले मेड इन इंडिया सामानों की खरीदारी को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। एक फेडरेशन ने अपने अनुमान में बताया कि दिवाली से जुड़े चीनी सामानों की बिक्री अब न होने के कारण हमारे पड़ोसी देश को लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का घाटा लगने वाला है।
धनतेरस पर बेहद शुभ मानी जाती है इन वस्तुओं की खरीदारी
दिवाली से दो दिन पहले धनतेरस के अवसर पर लोग बड़ी मात्रा में खरीदारी करते हैं। इस अवसर पर भगवान गणेश, माता लक्ष्मी, और कुबेर की पूजा होती है। प्राचीन मान्यतों के अनुसार इस अवसर पर नई वस्तु खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन लोग सोना-चांदी के गहने, स्टील-पीतल तांबे के बर्तन, रसोई का सामान, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली का सामान, मोबाइल फोन, फर्नीचर और झाड़ू की लोग दिलचस्पी से खरीदारी करते हैं।