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Onam 2023: दक्षिण भारत में इस दिन मनाया जाएगा ओणम, जानिए क्यों मनाते हैं और क्या है इसका महत्व

Onam 2023: ओणम का पर्व मुख्यतः दक्षिण भारत में मनाया जाता है। यह पर्व पूरे 10 दिनों तक चलता है। ओणम के त्योहार का महत्त्व क्या है, इसे कैसे मनाते हैं, आइये जानते हैं?
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नई दिल्ली

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Paritosh Shahi

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Updated: 28 Aug 2023, 4:14 PM IST

Onam 2023: दक्षिण भारत में इस दिन मनाया जाएगा ओणम, जानिए क्यों मनाते हैं और क्या है इसका महत्व

Onam 2023: दक्षिण भारत में इस दिन मनाया जाएगा ओणम, जानिए क्यों मनाते हैं और क्या है इसका महत्व

Onam 2023: दक्षिण भारत के केरल और तमिलनाडु राज्य में ओणम का पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। 10 दिनों तक चलने वाले इस त्योहार का अंतिम दिन बेहद खास होता है, जिसे थिरुवोणम कहते हैं। थिरुवोणम शब्द की उत्पत्ति दो शब्दों से मिलकर हुई है, थिरु और ओणम। थिरु का मतलब है पवित्र और ओणम पर्व का नाम है ही। यह पर्व 31 अगस्त 2023 को समाप्त हो जाएगा। । मलयालम पंचांग के अनुसार यह पर्व चिंगम महीने में मनाया जाता है। चिंगम महीने को यहां की कैलेंडर के हिसाब से वर्ष का प्रथम माह माना जाता है। जबकि अंग्रेजी महीने के हिसाब से यह अगस्त और सितंबर के बीच में आता है। यह त्योहार भगवान विष्णु के वामन अवतार की जयंती और राजा बलि के स्वागत के लिए मनाया जाता है। यह त्योहार पूरे केरल और तमिलनाडु के कुछ क्षेत्र में बड़े ही उमंग के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार एक प्रकार से प्रकृति को किसान द्वारा प्रकृति अच्छी फसल देने के लिए धन्यवाद देने के लिए मनाया जाता है।


ओणम का महत्व जानिए

मुख्यतः केरल में मनाया जाने वाला ओणम बहुत ही रंगबिरंगा और धूमधाम से मनाया जाने वाला पर्व है। इस पर्व के दौरान लोग सुबह उठकर लोग अपने आराध्य की पूजा करते हैं। 10 दिनों तक लगातार सुबह केले के फ्राई का नाश्ता करते हैं। 10 दिनों तक घर और उसके आसपास के जगहों को रंगोली से सजाया जाता है। महिलाएं पर्व के चौथे दिन कई तरह पकवान बनाती हैं। इसके अलाव हर दिन वलमकरी नामक एक नाव दौड़ होती है। ओणम के आठवें दिन मिट्टी की मूर्तियां बनाई जाती है जिसे मां के नाम से जाना जाता है। इस दिन चावल और दूध की खीर भी बनाई जाती है।