पद्म पुरस्कार देने की शुरुआत वर्ष 1954 में हुई थी। इसके बाद वर्ष 1978 और 1979 और वर्ष 1993 से 1997 के बीच आई रुकावटों को छोड़कर हर वर्ष दिया जाता रहा है। इस वर्ष राष्ट्रपति ने 128 लोगों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए हैं।
पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक हैं। ये पुरस्कार भारत सरकार द्वारा हर वर्ष भारतीय नागरिकों को उनके असाधारण कार्यों के लिए दिया जाता है। ये पुरस्कार किसी व्यवसाय, जाति और इससे जुड़े लोगों को उनके क्षेत्र के हिसाब से दिया जाता है। पद्म पुरस्कार देने की शुरुआत वर्ष 1954 में हुई थी। इसके बाद वर्ष 1978 और 1979 और वर्ष 1993 से 1997 के बीच आई रुकावटों को छोड़कर हर वर्ष दिया जाता रहा है। इस वर्ष राष्ट्रपति ने 128 लोगों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए हैं।
पद्म पुरस्कार को तीन भाग में विभाजित किया गया है।
पद्म विभूषण- ये असाधारण विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है
पद्म भूषण - उच्च विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता हिय
पद्मश्री - विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।
ये पुरस्कार सरकारी कर्मचारियों को नहीं दिया जाता है, परंतु उनके व्ययक्तिगत कार्य हेतु उन्हें पद्मश्री पुरस्कार दिया जा सकता है।
इस पुरस्कार से सम्मानित लोगों को क्या सुविधाएं मिलती हैं?
-पद्म पुरस्कार केवल एक सम्मान है। इस पुरस्कार के साथ कोई नकद भत्ता अथवा रेल/हवाई यात्रा आदि के रूप में कोई रियायत प्रदान नहीं की जाती है।
-इस पुरस्कार को प्राप्त करने वाले को कोई राशि भी नहीं दी जाती है।
-पद्म पुरस्कार प्राप्त करने वालों को राष्ट्रपति भवन के अंदर जाने तथा राष्ट्रपति से मिलने का अवसर मिलता है।
पद्म पुरस्कार में राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षर किया गया एक प्रमाण पत्र और एक पदक मिलता है। इसके साथ ही एक प्रतिकृति भी मिलती है जिसे वे अपनी इच्छानुसार किसी भी समारोह/राजकीय समारोहों आदि में पहन सकते है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिलती है पहचान
पद्म पुरस्कारों का लाभ यह है कि आपको सरकार, मीडिया और आम लोगों से व्यापक पहचान मिलती है। आप सुर्खियों में रहते हैं और लोग आपके काम की सराहना करते हैं जो आप सालों से करते आ रहे हैं।
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