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फरीदाबाद में पाक जासूस गिरफ्तार, भेज रहा था संवेदनशील वीडियो-फोटो

Pak Spy Arrested: गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे गिरोह का मेंबर नौशाद अली उर्फ लालू फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। गिरोह रेलवे स्टेशन और सुरक्षा ठिकानों की फोटो‑वीडियो भेजता था।

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पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार (X)

Pakistani Spy Gang Busted: गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे गिरोह के एक मेंबर नौशाद अली उर्फ लालू को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। नौशाद न केवल गिरोह का भाग था, बल्कि साल भर पहले नचौली गांव में एक खुले पेट्रोल पंप पर पंचर मरम्मत की दुकान भी चला रहा था। अब तक इस गिरोह के सरगना सुहेल (मेरठ) सहित कुल 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

नौशाद के आलावा अन्य आरोपीगिरफ्तार

पुलिस ने नौशाद के अलावा मथुरा जिला सदर थाने के मीरा निवासी एक और व्यक्ति को भी हिरासत में लिया है। इसमें एक आरोपी अभी नाबालिग भी है। प्रारंभिक पूछताछ में तीनों आरोपियों ने बताया कि उन्हें गिरोह में सुहेल ने शामिल किया था। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि इस गिरोह के सदस्य रेलवे स्टेशन और सुरक्षा बलों के ठिकानों के फोटो‑वीडियो व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे संदिग्धों को भेजते थे, और फोटो भेजने पर उन्हें 4,000 से 6,000 रुपये तक पैसे मिलते थे।

3 महीने पहले खोली थी पंचर की दुकान

पुलिस जांच के अनुसार, नौशाद ने करीब 3 महीने पहले नचौली में स्थित एक खुले पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान शुरू की थी। वह मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर के हरचंदा गांव का निवासी है।

16 मार्च को हुई गिरफ्तारी

16 मार्च की शाम गाजियाबाद पुलिस की टीम सादे कपड़ों में लोकेशन के आधार पर पेट्रोल पंप पहुंची। पुलिसकर्मियों ने पहले पंप कर्मचारियों से नाम और मूल निवास पूछा। उसी दौरान नौशाद पास ही खड़ा रहा, लेकिन पुलिस ने शुरू में उस पर ध्यान नहीं दिया। जब पुलिस ने कर्मचारियों से नौशाद अली के बारे में पूछा, तो पता चला कि वही पंचर की दुकान चलाने वाला लालू है। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसका मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिया।

पूर्व मैनेजर की मदद से खुली थी दुकान

पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने बताया कि पूर्व मैनेजर रविन्द्र ने नौशाद की पंचर दुकान खुलवाई थी। जांच में पाया गया कि रविंद्र ने मेवला महाराजपुर पेट्रोल पंप पर पंचर दुकान के लिए मुमताज से संपर्क किया, जिसने कोलकाता से नौशाद को बुलाकर उसे दुकान दिलवाई। दोनों रविंद्र और मुमताज भी बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के हरचंदा गांव के ही रहने वाले हैं।

पुलिस की जांच में खुला बड़ा नेटवर्क

पंप में काम करने वाले कर्मचारी संतोष ने बताया कि यह पेट्रोल पंप फरीदाबाद निवासी शिवशांत प्रसाद गुप्ता ने लगभग एक साल पहले शुरू किया था। शुरू में जब पुलिस नौशाद को ले गई तो कर्मचारियों को लगा कि उसे चोरी या झपटमारी जैसे मामलो में पकड़ा गया है। बाद में जब उन्हें पता चला कि नौशाद पर देशद्रोह का मामला दर्ज है, तो वे हैरान रह गए।

पहले ही 6 आरोपी गिरफ्तार

कौशांबी थाना क्षेत्र से 14 मार्च को छह अन्य सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी इस समय पुलिस रिमांड पर हैं। जिन आरोपियों को पहले पकड़ा गया था, उनमें सुहेल मलिक उर्फ रोमियो (परतापुर, मेरठ), इरम उर्फ महक (ज्ञानपुर, संभल), प्रवीन (भोवापुर, कौशांबी, गाजियाबाद), राज वाल्मीकि (भोवापुर, गाजियाबाद), शिवा वाल्मीकि (भोवापुर), रितिक गंगवार (भोजीपुर मंडी, भोवापुर) शामिल है।

रेलवे स्टेशनों पर कैमरे लगाकर पाकिस्तान को वीडियो भेजते थे

गाजियाबाद पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा बलों के ठिकानों की फोटो तथा लाइव वीडियो रिकॉर्ड कर उन्हें पाकिस्तान में बैठे एजेंटों तक पहुंचाता था। इन फुटेज के लिए उन्हें 10,000 से 15,000 रुपये तक दिए जाते थे। पुलिस ने दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन और हरियाणा के सोनीपत रेलवे स्टेशन के पास लगाए गए सोलर‑ऑपरेटेड कैमरे बरामद किए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच की जाएगी। जांच टीमों के अनुसार इन कैमरों का सीधा एक्सेस पाकिस्तान से जुड़ा था और वहां बैठे एजेंट लाइव फुटेज देख रहे थे।

450 से अधिक फोटो‑वीडियो पाकिस्तान भेजे गए

रिमांड पर पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पाकिस्तान में बैठे संदिग्धों को कम से कम 450 से अधिक फोटो और वीडियो भेजे हैं। हर एक कैमरा इंस्टॉल करने पर गिरोह के सदस्यों को अलग‑अलग रकम भी प्राप्त हुई थी।