29 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Raipur : ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन सहित पांच दवाओं के बैच अवमानक घोषित

छत्तीसगढ़ राज्य औषधि नियंत्रण विभाग ने इन संदिग्ध दवाओं के भंडारण, वितरण एवं विक्रय पर विशेष नजर रखने के साथ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए...

2 min read
Google source verification
Raipur

भारत सरकार के ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को मिली सूचना के अनुसार बाज़ार में उपलब्ध औषधि ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन (Oxytocin InjectionIP) 5 IU/ml (Tocin), BatchNo. I-7881 को परीक्षण के बाद Grossly Not of Standard Quality (गंभीर रूप से अवमानक) श्रेणी का घोषित किया गया है।

इसके अलावा खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला कालीबाड़ी रायपुर (Raipur) छत्तीसगढ़ द्वारा कराई गई जांच में चार और मेडिसिन मिथ्याछाप (Spurious) पाई गई हैं। पहली दवा नाक्पेन-पी (असेक्लोफेनेक एवं पैरासीटामाल टेबलेट्स) है, जिसका बैच नंबर MT-250777, अवसान तिथि 04/2027 है और यह Matins Healthcare Pvt Ltd, Sector-5, IIE SIDCUL, हरिद्वार, उत्तराखंड द्वारा निर्मित बताई जा रही थी।

दूसरी दवा फ्लामो स्टार-ऐ पी टेबलेट्स (असेक्लोफेनेक एवं पैरासीटामाल टेबलेट्स) है, जिसका बैच नंबर SAI-25029, अवसान तिथि 12/2026 है और यह Anon Pharmaceutical, A-1, RIA, Harsuliya 303005 द्वारा निर्मित बताई जा रही थी।

तीसरी दवा ACHE पी (असेक्लोफेनेक एवं पैरासीटामाल टेबलेट्स) है जिसका बैच नंबर LV25DT-066B, अवसान तिथि 03/2027 है और यह LV Lifesciences, VPO Gurumajra, Baddi, Solan (HP) द्वारा निर्मित बताई जा रही थी।

चौथी दवा कोल्डज़िया टेबलेट्स है, जिसका बैच नंबर GT-25294A, अवसान तिथि 07/2028 है और यह Go-Ish Remedies Ltd., (Unit-I), Nalagarh, Solan(HP) द्वारा निर्मित बताई जा रही थी। ये सभी दवाएं प्रयोगशाला जांच में अमानक पाई गई हैं।

इसकी सूचना मिलने पर छत्तीसगढ़ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Chhattisgarh Food and Drug Administration) ने तत्काल कदम उठाते हुए राज्य के समस्त जिला औषधि नियंत्रण अधिकारियों को सतर्कता, निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन संदिग्ध दवाओं (Medicines) के भंडारण, वितरण एवं विक्रय पर विशेष नजर रखी जाए और यदि उपलब्ध स्टॉक पाया जाए तो तत्काल नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने राज्य के सभी औषधि विक्रेताओं, थोक वितरकों (Wholesale Distributors) एवं अस्पतालों से अपील है कि वे उपरोक्त बैच संख्याओं की दवाओं की तत्काल जांच करें। उनका विक्रय एवं उपयोग रोकें तथा संबंधित जिला औषधि नियंत्रण कार्यालय (Drug Control Office) को सूचित करें। विभाग ने नागरिकों से भी अनुरोध है कि वे इन बैच नंबरों की दवाएं खरीदने से बचें और किसी भी संदिग्ध दवा की जानकारी स्थानीय औषधि नियंत्रण विभाग को तुरंत दें।