
बिजली (Photo Patrika)
Chhattisgarh News: प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 कबीरधाम जिले के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत जिले में बिजली बिलों के बोझ से दबे नागरिकों एवं किसानों को राहत देने के लिए वृहद स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
“मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना” के माध्यम से राजनांदगांव क्षेत्र के चार जिलों के लगभग 50 हजार 5 सौ से अधिक उपभोक्ताओं को लाभान्वित किया जा चुका है। इसमें सक्रिय और निष्क्रिय दोनों प्रकार के बीपीएल, घरेलू और कृषक श्रेणी के उपभोक्ता शामिल हैं। विभाग द्वारा अब तक मूल बकाया राशि और अधिभार (सरचार्ज) में कुल 15 करोड़ 22 हजार रुपए की भारी छूट प्रदान की गई है। समाधान योजना का मुख्य उद्देश्य बीपीएल, निम्नदाब घरेलू उपभोक्ताओं और कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को आर्थिक संबल प्रदान करना है।
उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत अब तक 31392 निष्क्रिय उपभोक्ता सफलतापूर्वक लाभान्वित हो चुके हैं। साथ ही योजना के दायरे में आने वाले कुल 19188 पात्र सक्रिय उपभोक्ताओं में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है। राजनांदगांव रीजन के अंतर्गत चारों जिलों के 07 विद्युत संभागों में सर्वाधिक पंडरिया संभाग से 17739, कवर्धा संभाग से 15325, मोहला संभाग से 2784, राजनांदगांव संभाग से 4775, खैरागढ़ संभाग से 3488, डोंगरगढ़ संभाग से 5182 एवं डोंगरगांव संभाग से 1207 सक्रिय एवं निष्क्रिय उपभोक्ता लाभान्वित हो चुकेें हैं।
इन सक्रिय एवं निष्क्रिय उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि एवं अधिभार (सरचार्ज) में 15 करोड़ 22 हजार रुपए की राशि का छूट प्रदान किया जा चुका है। लाभान्वित उपभोक्ताओं द्वारा सक्रियता दिखाते हुए अब तक लगभग 03 करोड़ 35 लाख 55 हजार रुपए की बकाया राशि विभाग में जमा की जा चुकी है।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक शिरीश सेलट ने बताया कि योजना का लाभ हर पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए संभाग के 66 वितरण केंद्रों एवं 03 जोनों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विभाग की टीमें न केवल केंद्रों पर मौजूद हैं, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर उपभोक्ताओं को योजना की पात्रता और छूट की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जागरूक कर रही हैं। विभाग का लक्ष्य निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पात्र उपभोक्ताओं को इस योजना के दायरे में लाना है।
कार्यपालक निदेशक सेलट ने क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि ऐसे बीपीएल, घरेलू एवं कृषि श्रेणी के उपभोक्ता जो 31 मार्च 2023 से पूर्व के बकाया बिजली बिलों के कारण आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं, वे इस अवसर को न चूकें। 30 जून 2026 तक उपभोक्ता अपने नजदीकी वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में पहुंचकर बकाया राशि का निपटारा कर सकते हैं।
बकाया बिजली बिलों का निपटारा कर उपभोक्ता न केवल स्वयं को आर्थिक बोझ से मुक्त कर सकते हैं, बल्कि भविष्य में निर्बाध बिजली सेवा भी सुनिश्चित कर सकते हैं। समय पर बिल का भुगतान और बकाया का निपटारा कर उपभोक्ता बिजली कंपनी के सुदृढ़ीकरण में अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान कर एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभा सकते हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और अन्नदाताओं को संबल प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी पुराने बोझ के बिजली सेवाओं का लाभ उठा सकें।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों घरेलू, कृषि और बीपीएल (BPL) उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिलों में भारी राहत देने के लिए संचालित एक महत्वपूर्ण जनहितकारी योजना है।
अधिकारियों ने बताया कि समाधान योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं की तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं, जिनमें 31 मार्च 2023 की स्थिति में निष्क्रिय उपभोक्ता, सक्रिय एकल बत्ती कनेक्शनधारी उपभोक्ता तथा सक्रिय अशासकीय घरेलू एवं अशासकीय कृषि उपभोक्ता शामिल हैं। इन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को विद्युत देयक जमा करने के लिए प्रोत्साहन के रूप में अधिभार की राशि में 100 प्रतिशत छूट तथा मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान किया गया है।
Published on:
29 May 2026 07:53 pm
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