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परीक्षा पेपर लीक बना नासूर! 5 साल में 1.40 करोड़ युवाओं का कैरियर लगा दांव पर

locationनई दिल्लीPublished: Feb 07, 2024 07:36:42 am

Submitted by:

Paritosh Shahi

किसी एक राज्य या किसी एक राजनीतिक दल की सरकारों तक पेपर लीक के मामले सीमित नहीं हैं। उत्तर में जम्मू-कश्मीर से लेकर दक्षिण में कर्नाटक और तेलंगाना, पूर्व में असम से लेकर पश्चिम में कर्नाटक और महाराष्ट्र सभी राज्यों में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं।

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पिछले पांच साल में परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामलों पर गौर करें तो साफ है कि इस बीमारी से कमोबेश पूरा देश ग्रस्त है। किसी एक राज्य या किसी एक राजनीतिक दल की सरकारों तक पेपर लीक के मामले सीमित नहीं हैं। उत्तर में जम्मू-कश्मीर से लेकर दक्षिण में कर्नाटक और तेलंगाना, पूर्व में असम से लेकर पश्चिम में कर्नाटक और महाराष्ट्र सभी राज्यों में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं।


राज्यों के लिए ही नहीं बल्कि केंद्र के लिए भी चुनौती

पिछले पांच साल में पूरे देश के 15 राज्यों में करीब 1 करोड़ 40 लाख आवेदकों का कैरियर इन पेपल लीक मामलों का शिकार बना है। ये एक करोड़ 40 लाख आवेदक और उनके परिवार के लोग अलग-अलग राज्यों में करीब एक लाख 4 हजार सरकारी नौकरियों की उम्मीद में अपना समय, संसाधन और ऊर्जा बर्बाद करते रहे और पेपर लीक होने के कारण परीक्षाएं रद्द होती रहीं।

कई मामलों में तो इन अभ्यार्थियों का इंतजार दो से तीन साल से ज्यादा का रहा। कई में तो यह इंतजार दो साल होने के बाद, अब भी जारी है। इस तरह, पेपर लीक का मसला सिर्फ राज्यों के लिए ही नहीं बल्कि केंद्र के लिए भी चुनौती बनते जा रहा था।

अलग-अलग तरीके से राज्यों में पेपर हुए लीक

पेपर लीक होने के तरीके सभी राज्यों में अलग-अलग रहे हैं। असम में, एग्जाम शुरू होने के कुछ मिनट बाद प्रश्न पत्र व्हाट्सएप पर वायरल हो गया था। वहीं, राजस्थान में एक राज्य कर्मचारी ने ही कथित तौर पर एक सरकारी कार्यालय से पेपर चुरा लिया था। मध्य प्रदेश पुलिस के अनुसार, आरोपी मुंबई में परीक्षा आयोजित करने वाली एक निजी कंपनी के सर्वर को हैक करने में कामयाब रहे, जबकि महाराष्ट्र में एक छात्र ने सोशल मीडिया पर पेपर लीक का दावा करते हुए पुलिस से संपर्क किया था।

जवाबदेही नदारदः कई मामलों में सिर्फ जांच जारी

तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग की ओर से जनवरी और फरवरी 2023 में अकाउंट अफसर और असिस्टेंट एग्जिक्यूटिव अफसर के लिए आयोजित तीन रद्द परीक्षाओं में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पेपर रद्द होने से 2.5 लाख कैंडिडेट्स प्रभावित हुए। इसके अलावा, दिसंबर 2023 में तेलंगाना विधानसभा चुनाव के कारण दोबारा होने वाली परीक्षा को भी रद्द कर दिया गया। फिलहाल, अभ्यर्थी एग्जाम के इंतजार में हैं।

हरियाणा में, पिछले साल 15 जनवरी को राज्य लोक सेवा आयोग की ओर से 383 पशुचिकित्सकों की भर्ती परीक्षा पेपर लीक के संदेह के आधार पर रद्द कर दी गई थी। फिलहाल, मामले में कोई एफआइआर दर्ज नहीं की गई है और न ही एग्जाम दोबारा शेड्यूल की गई है।

करीब 20 मामलों में एक साल से ज्यादा का इंतजार

मीडिया रिपोर्ट के आधार पर की गई पड़ताल के अनुसार, कम से कम 15 मामलों में, लीक के लगभग एक साल बाद परीक्षा आयोजित की गई। चार मामलों में इंतजार दो साल तक रहा। सात मामलों में, उम्मीदवार अभी भी इंतजार कर रहे हैं।

गुजरातः 2019 में परीक्षा रद्द, अप्रैल 2022 में दोबारा परीक्षा

गुजरात में नवंबर 2019 में क्लर्क और कार्यालय सहायकों के करीब 4,000 पदों के लिए भर्ती परीक्षा में लगभग 6 लाख उम्मीदवार उपस्थित हुए। परीक्षा रद्द होने के बाद, इंतजार दो साल से अधिक समय तक चला। गुजरात अधीनस्थ कर्मचारी चयन बोर्ड ने अप्रैल 2022 में पुन: परीक्षा आयोजित की।

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