
Parvesh Verma: दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेता परवेश वर्मा ने एक ऐतिहासिक जीत हासिल की, जब उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के निवर्तमान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से हराकर एक अभूतपूर्व विजय प्राप्त की।
परवेश वर्मा के परिवार ने इस शानदार जीत पर गहरी प्रसन्नता जताई। वर्मा की बेटी सानिधि ने कहा, "हम सभी अत्यंत खुश हैं। मैं नई दिल्ली के नागरिकों का आभार व्यक्त करती हूं जिन्होंने हमें सेवा करने का अवसर दिया। हम हमेशा पार्टी द्वारा सौंपे गए दायित्वों को निभाने के लिए तत्पर रहे हैं, और इस बार भी हम इसे खुशी-खुशी निभाएंगे।"
वहीं, वर्मा की दूसरी बेटी त्रिशा ने भी एक बार फिर आप सरकार पर तीखा कटाक्ष किया, साथ ही मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "हम नई दिल्ली के लोगों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देते हैं। दिल्लीवासियों ने झूठ बोलने वाली सरकार को दोबारा मौका नहीं दिया। हमें पहले से ही विश्वास था कि यह जीत स्पष्ट होगी। दिल्ली ने इस बार सत्य की जीत सुनिश्चित की।" सीएम पद के सवाल पर बेटी ने कहा कि पार्टी ने जो भी पद दिया है वो हमने स्वीकारा है आगे भी जो पार्टी पद देगी वो पापा स्वीकारेंगे।
चुनाव परिणामों ने दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य को पलट दिया। भाजपा ने जबर्दस्त प्रदर्शन करते हुए 70 विधानसभा सीटों में से 45 पर अपनी बढ़त बनाई। यह एक ऐतिहासिक बदलाव था, क्योंकि भाजपा 1998 से दिल्ली में सत्ता से बाहर थी, जबकि आम आदमी पार्टी ने पिछले एक दशक से राज्य की राजनीति पर अपना दबदबा बनाए रखा था, जिसमें 2015 और 2020 के चुनावों में विशाल जीत शामिल थी। 2024 के चुनावों में मतदाताओं का रुझान स्पष्ट रूप से भाजपा की ओर मुड़ा, जहां 5 फरवरी को हुए चुनावों में दिल्ली के कुल 1.55 करोड़ योग्य मतदाताओं में से 60.54 प्रतिशत ने मतदान किया।
7 नवंबर 1977 को जन्मे परवेश वर्मा एक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण परिवार से आते हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली पब्लिक स्कूल, आरके पुरम से प्राप्त की, और फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की। इसके बाद, उन्होंने फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए किया।
वर्मा के पिता, स्वर्गीय साहिब सिंह वर्मा, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री थे, और उनके चाचा आज़ाद सिंह भी दिल्ली की राजनीति में एक प्रमुख शख्सियत थे। आज़ाद सिंह उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर रहे और 2013 में भाजपा के टिकट पर मुंडका से विधानसभा चुनाव लड़े। परवेश वर्मा ने 2013 में महरौली में कांग्रेस के योगानंद शास्त्री को हराकर अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। इसके बाद, उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा और 2014 में पश्चिमी दिल्ली से लोकसभा चुनाव जीतने में सफलता प्राप्त की। 2019 में उन्होंने कांग्रेस के महाबल मिश्रा को रिकॉर्ड अंतर से हराया और अपनी सीट बरकरार रखी। हालांकि, वर्मा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाग नहीं लिया, और इसके बजाय राज्य की राजनीति में वापस लौटने का निर्णय लिया।
Updated on:
09 Feb 2025 07:25 am
Published on:
08 Feb 2025 05:44 pm

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