
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है, जिसने राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। हाल के दिनों में शशि थरूर का भाजपा और पीएम मोदी के प्रति नरम रुख देखा गया था, और अब मोदी सरकार ने उन्हें एक गैर-राजनीतिक, राष्ट्रहित से जुड़े मिशन में शामिल किया है।
केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि भारत के सांसदों का एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल विदेशों का दौरा कर पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ भारत का पक्ष मजबूती से रखेगा। इस डेलिगेशन में शशि थरूर को भी शामिल किया गया है। यह पहल खासकर ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की स्थिति को वैश्विक मंच पर स्पष्ट करने के लिए की जा रही है। सरकार का उद्देश्य दुनिया को पाकिस्तान के आतंकवाद समर्थन की हकीकत से अवगत कराना है।
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विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस प्रतिनिधिमंडल में भाजपा, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी), जनता दल (यूनाइटेड), बीजू जनता दल, माकपा और अन्य दलों के सांसद शामिल होंगे। कांग्रेस ने भी इस मिशन में भाग लेने की सहमति दे दी है। इस डेलिगेशन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के तेज-तर्रार सांसदों को चुना गया है, जो अपनी वाकपटुता और कूटनीतिक क्षमता से भारत का पक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेंगे।
शशि थरूर, जो अपनी विदेश नीति विशेषज्ञता और वैश्विक मंचों पर प्रभावशाली उपस्थिति के लिए जाने जाते हैं, इस मिशन में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यह जिम्मेदारी न केवल उनके कूटनीतिक कौशल को दर्शाती है, बल्कि राष्ट्रहित में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच सहयोग का भी प्रतीक है। यह कदम भारत की वैश्विक छवि को मजबूत करने और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
Updated on:
16 May 2025, 10:42 PM IST
Published on:
16 May 2025, 10:42 PM IST
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