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सुप्रीम कोर्ट की घटना पर सियासी उबाल, CJI पर जूता फेंकने वाले वकील के घर AAP की चढ़ाई

CJI बी.आर. गवई पर जूता फेंकने वाले वकील राकेश किशोर के खिलाफ राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। AAP ने इसे दलित विरोधी मानसिकता का प्रतीक बताते हुए कड़ा रुख अपनाया।
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नई दिल्ली

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Shaitan Prajapat

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Updated: 7 Oct 2025, 9:38 PM IST

Supreme Court CJI case in Delhi

सुप्रीम कोर्ट की घटना पर सियासी उबाल (Photo-ANI)

सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की घटना ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने आरोपी वकील राकेश किशोर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली AAP के संयोजक सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को समर्थकों के साथ किशोर के मयूर विहार स्थित आवास के बाहर धरना दिया और जोरदार नारेबाजी की। उनके हाथ में बाबासाहेब अंबेडकर की तस्वीर थी, जो दलित न्यायाधीश पर हमले के खिलाफ संदेश दे रही थी।

जानें क्या है पूरा मामला

घटना की शुरुआत 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 1 में हुई, जब 71 वर्षीय वकील राकेश किशोर ने CJI गवई की बेंच के सामने हंगामा मचाया। किशोर ने "सनातन का अपमान नहीं सहेंगे हिंदुस्तान" के नारे लगाते हुए जूता उतारकर CJI की ओर फेंकने का प्रयास किया। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया। पूछताछ में किशोर ने बताया कि वे CJI की 16 सितंबर की टिप्पणी से आहत थे, जिसमें मध्य प्रदेश के खजुराहो मंदिर में भगवान विष्णु की सिरकटी मूर्ति के पुनर्स्थापन की याचिका खारिज करते हुए कथित तौर पर "मजाक" उड़ाया गया था। पुलिस ने कोई FIR दर्ज नहीं की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट बार काउंसिल ने किशोर का निलंबन कर दिया।

AAP ने सोशल मीडिया पर खोला मोर्चा

AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, भक्तों का वकील हीरो जिसने दलित न्यायाधीश को जूता फेंका, वो अपने अपार्टमेंट में भी बड़ी समस्या है। लोगों को धमकाने और हाथापाई की शिकायतें हैं। सभी पड़ोसियों ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है। क्या ये भी भगवान के कहने पर करता है? ये बददिमाग लोगों को इसी तरह इस्तेमाल करते हैं। ना तो ये कोई बड़े वकील हैं, ना ही अच्छे नागरिक। भारद्वाज ने पड़ोसियों की पुलिस शिकायत की कॉपी भी शेयर की, जिसमें किशोर पर धमकी और मारपीट के आरोप हैं।

'हम तुम्हारे घर आए थे, तुम छिपे रहे'

सोमवार दोपहर को भारद्वाज समर्थकों के साथ किशोर के घर पहुंचे। नारों के बीच उन्होंने कहा, हम तुम्हारे घर आए थे, तुम छिपे रहे, निकले नहीं बाहर? दैविक शक्ति नहीं थी अब? AAP ने इसे BJP की दलित विरोधी मानसिकता का प्रतीक बताया। भारद्वाज ने आगे पोस्ट किया, CJI पर जूता फेंकने वाले को सोशल मीडिया पर हीरो बनाया जा रहा है, जबकि जस्टिस BR गवई को विलेन। उनके खिलाफ हिंसा की धमकियां दी जा रही हैं। BJP सरकार इन ट्रोल हैंडल्स पर कार्रवाई नहीं कर रही, जो साफ दिखाता है कि इन्हें पूरा संरक्षण है।

'BJP समर्थित लोगों की दलित विरोधी सोच'

AAP के अनुसार, पिछले एक महीने से BJP की ट्रोल आर्मी CJI गवई को निशाना बना रही थी। भारद्वाज ने लिखा, देश के मुख्य न्यायाधीश के गले में हांडी बांधी जा रही है। यह BJP समर्थित लोगों की दलित विरोधी सोच को उजागर करता है। विपक्षी दिग्विजय सिंह ने भी घटना की निंदा की और दोषी को कठोर सजा की मांग की।

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