आयोग ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह बच्चों को नग्न करके पीटा जाना गलत है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना ज़रूरी है। चोरी या अन्य कोई गलती करने पर कोर्ट या पुलिस सज़ा देती है, इस तरह कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। बता दें कि, बच्चों को पीटने की यह घटना 21 अक्टूबर को सामने आई थी। बच्चों पर दुकान में से बिस्किट चुराकर खाने का आरोप लगाया गया था, जिसके चलते उनकी पिटाई हुई।