
Ambulance Train: सड़क पर कोई भी हादसा होने पर सबसे पहले एंबुलेंस (Ambulance) को कॉल किया जाता है। और जल्द से जल्द घायलों को मेडिकल सुविधा दी जाती है। इसी तरह अगर किसी ट्रेन का एक्सीडेंट हो जाता है तो फिर वहां एंबुलेंस का पहुंचना मुश्किल हो जाता है। लेकिन अब ऐसी जगह पर एंबुलेंस ट्रेन (Ambulance Train) पहुंच सकती है। भारतीय रेलवे (Indian Railway) में इसे लाइफलाइन एक्सप्रेस (Lifeline Express) के नाम से जाना जाता है। जो आपने पिछले कुछ महीनो में हुए ट्रेन हादसों में भी अपनी सेवा दे रही है।
लाइफ लाइन ट्रेन को साल 1991 में भारतीय रेलवे की तरफ से संचालन किया गया था। भारत सरकार ने इस ट्रेन एंबुलेंस को इसलिए शुरू किया था। ताकि देश के दूर दराज इलाकों में रहने वाले गरीब लोग जो कि इलाज कराने के लिए बड़े शहरों तक का रुख नहीं कर सकते। खासतौर पर जो लोग शारीरिक रूप से स सक्षम है सरकार ने उन तक उच्च मेडिकल सुविधा पहुंचाने के लिए इस ट्रेन को शुरू किया था।
भारतीय रेलवे की लाइफलाइन एक्सप्रेस दूर दराज के इलाकों तक मेडिकल सुविधा पहुंचाती हैं और ट्रेन हादसों में भी लाइफलाइन एक्सप्रेस मेडिकल सुविधा देती है। यह एक चलता फिरता अस्पताल है। जहां डॉक्टर और दवाइयां नहीं पहुंच पाती वहां लाइफलाइन एक्सप्रेस पहुंच जाती है। इसे बिल्कुल अस्पताल की तरह डिजाइन किया गया है। इसमें पेशेंट के लिए बेड है। इसमें आधुनिक मशीनें हैं,ऑपरेशन थिएटर है। और एक डेडीकेटेड मेडिकल स्टाफ है। इस ट्रेन के हर कोच में पावर जनरेटर है। इसके साथ ही मेडिकल वार्ड है। तो वही पेंट्री कार की भी सुविधा ट्रेन के अंदर ही है।
Updated on:
10 Nov 2024 11:23 am
Published on:
10 Nov 2024 11:23 am
