
बलात्कार और हत्या के आरोपी गुरमीत राम रहीम 11वीं बार फरलो पर सुनारिया जेल से बाहर आया। जेल से बाहर निकलने के बाद राम रहीम ने यूट्यूब पर वीडियो के माध्यम से अपने अनुयायियों को आर्शीवाद दिया। वीडियो संदेश में राम रहीम ने अपने अनुयायियों से अपील की कि वे उससे मिलने के लिए आश्रम न आएं, बल्कि अपने-अपने घरों में ही रहें और सेवा करते रहें। राम रहीम ने इस वीडियो में कहा, सबको बहुत-बहुत आशीर्वाद, आपके दर्शन के लिए फिर से हाजिर हुए हैं, मालिक आप सबको बहुत-बहुत खुशियां दे। आपको अपने-अपने घरों में रहना है। किसी को यहां नहीं आना है। जैसे सेवादार भाई आपको बताएंगे, वैसी ही आपको सेवा करनी है। मालिक बहुत-बहुत आपको खुशियां दे। राम रहीम 21 दिनों तक बागपत के बरनावा डेरा आश्रम में रुकेगा।
हरियाणा सरकार ने बलात्कार और हत्या के आरोपी गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर 21 दिनों के लिए फरलो मंजूर की है। मंगलवार को ये सुबह करीब साढ़े छ बजे जेल से बाहर आया और करीब साढ़े आठ बजे यूपी के बागपत जिले में स्थित बरनावा डेरा आश्रम पहुंचा। अब 21 दिनों के लिए यह आश्रम में ही रहेगा। इसके लिए बागपत जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ते इंतजाम भी किए हैं।
बता दें कि पिछली बार राम रहीम को जनवरी में 50 दिन की पैरोल दी गई थी। राम रहीम ने जून में हाई कोर्ट का रुख किया था, जिसमें 21 दिन की फरलो के निर्देश दिए जाने की मांग की थी। बताया जा रहा है कि गुरमीत राम रहीम, उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित बरनावा आश्रम में अपना जन्मदिन मनाएगा। राम रहीम 11वीं बार जेल से बाहर आया है।
साध्वी से यौन शोषण और हत्या के मामले में गुरमीत राम रहीम हरियाणा की रोहतक में सुनारिया जेल में बंद है। राम रहीम ने फरलो के लिए जेल प्रशासन को आवेदन दिया था। इसके बाद जेल प्रशासन ने उसे 21 दिन की फरलो दी। ज्ञात हो कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गुरमीत राम रहीम को फरलो और पैरोल दिए जाने पर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। हालांकि, हाई कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया।
हाईकोर्ट ने कहा था कि जेल नियमों के अनुसार ही जेल प्रशासन को इसका अधिकार है और वह ही गुरमीत राम रहीम की फरलो या पैरोल पर फैसला ले सकता है। नवंबर 2023 में गुरमीत राम रहीम को 21 दिनों के लिए जेल से रिहा किया गया था। पिछले साल उसे तीन बार पैरोल दी गई थी। अब तक उसे 205 दिनों के लिए पैरोल और फरलो दी जा चुकी है।
जेल मैनुअल के अनुसार, एक दोषी को एक साल में 70 दिन की पैरोल मिल सकती है। राम रहीम को अगस्त 2017 में दो महिलाओं से बलात्कार के आरोप में 20 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। जनवरी 2019 में पंचकूला की एक विशेष सीबीआई अदालत ने भी राम रहीम और तीन अन्य को 16 साल पहले पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
Updated on:
13 Aug 2024 07:52 pm
Published on:
13 Aug 2024 07:51 pm
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