
सुप्रीम कोर्ट के आवार कुत्तों को लेकर दिए गए ऑर्डर के खिलाफ राजधानी दिल्ली में सोमवार को बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया गया। भारी संख्या में लोग इंडिया गेट पर इकट्ठा हुए और उन्होंने कोर्ट के फैसले का विरोध किया। जिसके बाद अब मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत यह प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके अनुसार, किसी सरकारी अधिकारी (लोक सेवक) द्वारा कानूनी तौर पर दिए गए आदेश का जानबूझकर पालन नहीं करना एक अपराध माना जाता है।
कुत्ते के काटने की घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को आठ हफ़्तों के अंदर दिल्ली और एनसीआर इलाके में मौजूद सभी आवार कुत्तों को पकड़र सरकार द्वारा बनाए गए शेल्टर होम्स में छोड़ने का आदेश दिया था। साथ ही कोर्ट ने यह भी साफ किया था कि पकड़े गए कुत्तों को किसी भी परिस्थिती में दुबारा सड़को पर नहीं छोड़ा जाएगा। इस ऑर्डर के सामने आने के बाद ही सोमवार रात बड़ी संख्या में पशु अधिकार कार्यकर्ता, बचाव दल और डॉग लवर्स ने इंडिया गेट पर इकट्ठा होकर इसका विरोध शुरु कर दिया था। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच प्रदर्शन को बीच में ही रोक दिया था।, जिसके बाद आज इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, कानून-व्यवस्था के उल्लंघन के आधार पर यह एफआईआर दर्ज की गई है। हमने प्रदर्शनकारियों को बार-बार इंडिया गेट पर इकट्ठा न होने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं मानी और विरोध प्रदर्शन जारी रखा। हमने जब उन्हें हटाने की कोशिश की तो उन्होंने हमारे कर्मचारियों के साथ हाथापाई की और हटाए जाने का विरोध भी किया। बार-बार कहने के बावजूद वे वहां से नहीं हटे और उनमें से कुछ ने हमारी महिला कांस्टेबलों को धक्का भी दिया।
यह आदेश सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर भी इसका जमकर विरोध हो रहा है। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत अन्य कई विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है और उन्होंने कोर्ट के इस फैसले की निंदा की है। राहुल गांधी ने जहां एक्स पर पोस्ट शेयर कर इस फैसले की आलोचना की है वहीं टीएमसी सांसद साकेत गोखले ने इस मामले में देश के सीजेआई को पत्र लिख दिया है। राजनेताओं के अलावा जान्हवी कपूर, वरुण धवन और वीर दास जैसे फिल्मी सितारों ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर कोर्ट के इस फैसले की निंदा की है और इसे सभी कुत्तों के लिए मौत की सजा बताया है।
Updated on:
12 Aug 2025 01:51 pm
Published on:
12 Aug 2025 01:51 pm
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