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फीस से ज्यादा ट्रांसपोर्ट और किताबों का खर्च! बच्चों की पढ़ाई ने बढ़ाया अभिभावकों पर बोझ

School Education Cost India: देश में बच्चों की पढ़ाई का खर्च लगातार बढ़ रहा है। कई राज्यों में अब स्कूल फीस से ज्यादा पैसा ट्रांसपोर्ट, यूनिफॉर्म और किताब-कॉपियों पर खर्च हो रहा है।

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भारत

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Rahul Yadav

May 25, 2026

School Education Cost India

School Education Cost India (AI Image)

School Education Cost India: देश में बच्चों की स्कूली शिक्षा का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। अब सिर्फ स्कूल फीस ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट, यूनिफॉर्म और किताब-कॉपियों का खर्च भी अभिभावकों की जेब पर भारी पड़ रहा है। कई राज्यों में तो स्कूल आने-जाने और पढ़ाई से जुड़े दूसरे खर्च स्कूल फीस से भी ज्यादा हो चुके हैं।

कॉम्प्रिहेंसिव मॉड्यूलर सर्वे-शिक्षा 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, असम, बिहार, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, गोवा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे राज्यों में ट्रांसपोर्ट, यूनिफॉर्म और किताबों का खर्च तेजी से बढ़ा है।

देशभर में अभिभावक बच्चों के स्कूल आने-जाने पर औसतन 5,532 रुपए सालाना खर्च कर रहे हैं। कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह खर्च 10 हजार रुपए से भी अधिक पहुंच चुका है।

चंडीगढ़ में ट्रांसपोर्ट खर्च सबसे ज्यादा

सर्वे के अनुसार चंडीगढ़ में छात्र ट्रांसपोर्ट पर सालाना औसतन 16,713 रुपए खर्च कर रहे हैं, जो देश में सबसे अधिक है। लद्दाख में स्थिति और भी अलग है। यहां स्कूल की औसत सालाना फीस 5,500 रुपए है, जबकि ट्रांसपोर्ट पर ही 8,786 रुपए खर्च हो रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा पर बढ़ते खर्च को देखते हुए सरकारों और स्कूलों को ट्रांसपोर्ट और सहायक खर्चों को लेकर नई नीति पर विचार करना होगा।

यूनिफॉर्म और किताबें भी बनी बड़ी चुनौती

स्कूलों में यूनिफॉर्म का उद्देश्य बच्चों के बीच समानता लाना था, लेकिन अब यही यूनिफॉर्म और किताबें अभिभावकों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बनती जा रही हैं।

कई राज्यों में ट्रांसपोर्ट, यूनिफॉर्म और किताबों का कुल खर्च स्कूल फीस के बराबर या उससे अधिक पहुंच चुका है।

कुछ राज्यों के आंकड़े (राशि रुपए में)

राज्यस्कूल फीसपरिवहनयूनिफॉर्मकिताब-कॉपियांअन्य
असम11,1376,9431,9091,7051,784
बिहार6,3313,6801,4141,639599
गोवा3,5082,5361,3642,2641,789
हिमाचल प्रदेश13,1737,9842,7062,535681
मणिपुर14,55511,8762,6792,988-
सिक्किम10,29410,4192,8222,5921,608
त्रिपुरा3,1345,7471,1592,7431,131
पश्चिम बंगाल6,5264,3561,1961,789802
जम्मू-कश्मीर7,1967,1011,7412,565832
लद्दाख5,5008,7861,8951,377424

राजस्थान और मध्य भारत में भी स्थिति चिंताजनक

राजस्थान और मध्य भारत के राज्यों में भी स्कूल फीस के अलावा दूसरे खर्च तेजी से बढ़ रहे हैं।

राजस्थान

  • स्कूल फीस: 13,422 रुपए
  • ट्रांसपोर्ट: 6,069 रुपए
  • यूनिफॉर्म: 1,418 रुपए
  • किताब-कॉपियां: 1,626 रुपए
  • अन्य खर्च: 690 रुपए

यानी फीस के मुकाबले बाकी खर्च करीब 73 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में औसत स्कूल फीस 9,874 रुपए है, जबकि ट्रांसपोर्ट, यूनिफॉर्म, किताबों और अन्य खर्चों को मिलाकर यह राशि फीस के लगभग 89 प्रतिशत तक पहुंच जाती है।

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में फीस के मुकाबले बाकी खर्च करीब 80 प्रतिशत बैठ रहा है।

गांवों के मुकाबले शहरों में पढ़ाई ज्यादा महंगी

सर्वे के अनुसार गांवों में एक छात्र की स्कूल फीस पर परिवार औसतन 8,120 रुपए खर्च कर रहा है, जबकि शहरों में यह खर्च बढ़कर 19,457 रुपए तक पहुंच जाता है।

गांव और शहर का औसत खर्च (रुपए में)

खर्चगांवशहरकुल औसत
स्कूल फीस8,12019,45712,457
परिवहन4,6507,0415,532
यूनिफॉर्म1,4991,9631,657
किताबें1,7532,9622,097
अन्य7561,167879

सुधार की जरूरत पर जोर

विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा के बढ़ते खर्च का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है।

स्कूल फीस के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट, किताबों और यूनिफॉर्म के बढ़ते खर्च को नियंत्रित करने के लिए राज्यों और शिक्षा विभागों को नई नीतियों पर काम करने की जरूरत है, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आम परिवारों की पहुंच से बाहर न हो जाए।

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