
School Education Cost India (AI Image)
School Education Cost India: देश में बच्चों की स्कूली शिक्षा का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। अब सिर्फ स्कूल फीस ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट, यूनिफॉर्म और किताब-कॉपियों का खर्च भी अभिभावकों की जेब पर भारी पड़ रहा है। कई राज्यों में तो स्कूल आने-जाने और पढ़ाई से जुड़े दूसरे खर्च स्कूल फीस से भी ज्यादा हो चुके हैं।
कॉम्प्रिहेंसिव मॉड्यूलर सर्वे-शिक्षा 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, असम, बिहार, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, गोवा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे राज्यों में ट्रांसपोर्ट, यूनिफॉर्म और किताबों का खर्च तेजी से बढ़ा है।
देशभर में अभिभावक बच्चों के स्कूल आने-जाने पर औसतन 5,532 रुपए सालाना खर्च कर रहे हैं। कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह खर्च 10 हजार रुपए से भी अधिक पहुंच चुका है।
सर्वे के अनुसार चंडीगढ़ में छात्र ट्रांसपोर्ट पर सालाना औसतन 16,713 रुपए खर्च कर रहे हैं, जो देश में सबसे अधिक है। लद्दाख में स्थिति और भी अलग है। यहां स्कूल की औसत सालाना फीस 5,500 रुपए है, जबकि ट्रांसपोर्ट पर ही 8,786 रुपए खर्च हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा पर बढ़ते खर्च को देखते हुए सरकारों और स्कूलों को ट्रांसपोर्ट और सहायक खर्चों को लेकर नई नीति पर विचार करना होगा।
स्कूलों में यूनिफॉर्म का उद्देश्य बच्चों के बीच समानता लाना था, लेकिन अब यही यूनिफॉर्म और किताबें अभिभावकों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बनती जा रही हैं।
कई राज्यों में ट्रांसपोर्ट, यूनिफॉर्म और किताबों का कुल खर्च स्कूल फीस के बराबर या उससे अधिक पहुंच चुका है।
| राज्य | स्कूल फीस | परिवहन | यूनिफॉर्म | किताब-कॉपियां | अन्य |
|---|---|---|---|---|---|
| असम | 11,137 | 6,943 | 1,909 | 1,705 | 1,784 |
| बिहार | 6,331 | 3,680 | 1,414 | 1,639 | 599 |
| गोवा | 3,508 | 2,536 | 1,364 | 2,264 | 1,789 |
| हिमाचल प्रदेश | 13,173 | 7,984 | 2,706 | 2,535 | 681 |
| मणिपुर | 14,555 | 11,876 | 2,679 | 2,988 | - |
| सिक्किम | 10,294 | 10,419 | 2,822 | 2,592 | 1,608 |
| त्रिपुरा | 3,134 | 5,747 | 1,159 | 2,743 | 1,131 |
| पश्चिम बंगाल | 6,526 | 4,356 | 1,196 | 1,789 | 802 |
| जम्मू-कश्मीर | 7,196 | 7,101 | 1,741 | 2,565 | 832 |
| लद्दाख | 5,500 | 8,786 | 1,895 | 1,377 | 424 |
राजस्थान और मध्य भारत के राज्यों में भी स्कूल फीस के अलावा दूसरे खर्च तेजी से बढ़ रहे हैं।
यानी फीस के मुकाबले बाकी खर्च करीब 73 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
मध्य प्रदेश में औसत स्कूल फीस 9,874 रुपए है, जबकि ट्रांसपोर्ट, यूनिफॉर्म, किताबों और अन्य खर्चों को मिलाकर यह राशि फीस के लगभग 89 प्रतिशत तक पहुंच जाती है।
छत्तीसगढ़ में फीस के मुकाबले बाकी खर्च करीब 80 प्रतिशत बैठ रहा है।
सर्वे के अनुसार गांवों में एक छात्र की स्कूल फीस पर परिवार औसतन 8,120 रुपए खर्च कर रहा है, जबकि शहरों में यह खर्च बढ़कर 19,457 रुपए तक पहुंच जाता है।
| खर्च | गांव | शहर | कुल औसत |
|---|---|---|---|
| स्कूल फीस | 8,120 | 19,457 | 12,457 |
| परिवहन | 4,650 | 7,041 | 5,532 |
| यूनिफॉर्म | 1,499 | 1,963 | 1,657 |
| किताबें | 1,753 | 2,962 | 2,097 |
| अन्य | 756 | 1,167 | 879 |
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा के बढ़ते खर्च का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है।
स्कूल फीस के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट, किताबों और यूनिफॉर्म के बढ़ते खर्च को नियंत्रित करने के लिए राज्यों और शिक्षा विभागों को नई नीतियों पर काम करने की जरूरत है, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आम परिवारों की पहुंच से बाहर न हो जाए।
Published on:
25 May 2026 06:03 am
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