संसद बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू होने जा रहा है। बजट सत्र का दूसरा चरण हंगामेदार होने की संभावना है। सत्र के दूसरे चरण में विपक्ष केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरूपयोग और अडानी विवाद सहित कुछ अन्य मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरने का प्रयास करेगा।
संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो रहा है। लोकसभा-राज्यसभा में हंगामे के पूरे आसार है। नाराज विपक्ष ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली है। विपक्षी दल रणनीति बनाने के लिए लिए आज सुबह एक बैठक करेंगे। सत्र के दूसरे चरण में विपक्ष केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरूपयोग और अडानी विवाद सहित कुछ अन्य मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरने का प्रयास करेगा। सत्र के इस हिस्से में सरकार का प्रमुख एजेंडा लंबे समय से पड़े विधेयकों को पारित कराने का होगा। संसद बजट सत्र का दूसरा चरण 6 अप्रैल तक चलने की संभावना है।
सत्र के इस चरण में 26 विधेयक राज्यसभा में और 9 विधेयक लोकसभा में पारित होने के लिए लंबित हैं। वहीं सरकार की प्राथमिकता वित्त विधेयक को पारित कराने की रहेगी। इसके अलावा बाकी लंबित विधेयक भी सरकार पारित कराएगी।
कांग्रेस नेता के सुरेश ने कहा कि उनकी पार्टी अडानी हिंडनबर्ग मुद्दे को उठाना जारी रखेगी और सरकार से सवाल पूछेगी। इसमें मुख्य मुद्दा केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरूपयोग का रहने की संभावना है। यह विषय नौकरी के बदले जमीन घोटाले में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद और उनके परिवार के खिलाफ जारी जांच को लेकर चर्चा में है
सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस एलआईसी, एसबीआई के समक्ष संभावित खतरे, महंगाई, बेरोजगारी, केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरूपयोग के मुद्दे को उठा सकती है। टीएमसी के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने हाल ही में कहा था कि एलआईसी से जुड़े निवेश प्रभाव खतरे, महंगाई जैसे विषयों का आम लोगों के जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। इन मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
सूत्रों ने बताया कि विपक्षी दलों की 10 बजे संसद भवन परिसर में राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में बैठक होगी। इसके बाद सांसद कांग्रेस संसदीय पार्टी के कार्यालय में एक बैठक में हिस्सा लेंगे, जहां पार्टी की रणनीति पर चर्चा होगी।
बता दें कि बजट सत्र के पहले चरण के आखिरी दिन 13 फरवरी को भी लोकसभा की कार्यवाही तो दिनभर सुचारू रूप से चली थी, लेकिन राज्य सभा में आखिरी दिन भी हंगामा जारी रहा। जिसके कारण राज्य सभा के सभापति धनखड़ को सदन की कार्यवाही 13 मार्च तक स्थगित करनी पड़ी थी। विपक्षी दलों ने अडानी को लेकर आई हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को लेकर संसद के दोनों सदनों लोक सभा और राज्य सभा में जमकर हंगामा किया था।