
शिवसेना विधायक प्रताप सरनाइक (X)
Operation Tiger: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज्य सरकार के मंत्री और शिवसेना विधायक प्रताप सरनाइक (Pratap Sarnaik) ने दावा किया है कि ऑपरेशन टाइगर लगातार पूरे साल सक्रिय रहता है और इसी रणनीति के तहत एक और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज दोपहर 3 बजे ऐसे 6 सांसद, जो स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से जुड़े हुए माने जाते हैं, वे औपचारिक रूप से शिव सेना (Shiv Sena) में शामिल होंगे।
इस संभावित राजनीतिक बदलाव को लेकर लोकसभा स्पीकर को औपचारिक पत्र सौंपे जाने की भी जानकारी सामने आई है। यह कदम आने वाले समय में संसद और महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है।
प्रताप सरनाइक ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऑपरेशन टाइगर कोई सीमित अभियान नहीं, बल्कि पूरे साल चलने वाली राजनीतिक रणनीति है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में और भी नेता इस प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं।
अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि पहले विधायकों के शामिल होने में और अब सांसदों के जुड़ने में राजनीतिक माहौल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस दौरान उन्होंने संजय राउत (Sanjay Raut) का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक सक्रियता ने भी घटनाक्रम को प्रभावित किया है।
शिवसेना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में cथा कि अब केवल एक ही शिवसेना है और वह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना है। इस पर उद्धव ठाकरे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे स्वतंत्र हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चार साल पहले भी 40 विधायक पार्टी छोड़कर चले गए थे। उनका कहना था कि आज समय मेरा नहीं है, लेकिन कल जरूर मेरा होगा। साथ ही उन्होंने जोड़ा कि तब तक पार्टी को संघर्ष और धैर्य बनाए रखना होगा।
सूत्रों के मुताबिक, 16 जून को छह बागी सांसद अलग-अलग शहरों से विमान के जरिए दिल्ली पहुंचे और नोएडा के एक होटल में ठहरे। इसके बाद 17 जून को श्रीकांत शिंदे, ओमराजे निंबालकर और इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर उन्हें हस्ताक्षरित प्रस्ताव सौंपा।
बागी सांसदों का कहना है कि शिवसेना (UBT) अपनी मूल विचारधारा से दूर चली गई है। उनका आरोप है कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता कांग्रेस के साथ रिश्ते मजबूत करने या संभावित विलय की दिशा में आगे बढ़ रहे थे। इसी वजह से उन्होंने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट का समर्थन करने का निर्णय लिया।
Updated on:
22 Jun 2026, 1:18 PM IST
Published on:
22 Jun 2026, 12:57 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.