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‘सही बस नहीं ली तो हम जिम्मेदार कैसे’, कांग्रेस की रैली के चलते छात्रों का नीट एग्जाम छूटने पर पार्टी ने झाड़ा पल्ला

NEET re-exam: बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम के कारण छात्रों का नीट एग्जाम छूटने पर कर्नाटक मंत्री प्रियंक खड़गे ने सरकार का बचाव किया। वहीं बिहार और हरियाणा में भी नीट परीक्षा से जुड़ा फर्जीवाड़ा और संदिग्ध गतिविधियां सामने आई है।
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Priyank Kharge on Ram Mandir donations.

प्रियांक खरगे (फोटो- ANI)

NEET re-exam: कर्नाटक के बेंगलुरु में कांग्रेस की रैली के चलते तीन छात्राओं का नीट एग्जाम छूट जाने के मामले में अब कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आई है। कर्नाटक कांग्रेस के मंत्री प्रियांक खरगे ने इस मामले पर बयान देते हुए छात्रों का नीट एग्जाम छूटने के मामले में अपनी जिम्मेदारी से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में ट्रैफिक की समस्या कोई नई बात नहीं है और इसी वजह से पहले ही ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई थी। उन्होंने आगे कहा कि अगर छात्रों ने सहीं बस नहीं ली तो उसके लिए सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।

कांग्रेस की रैली के चलते तीन छात्रों का छूटा था पेपर

बता दें कि देशभर में शनिवार को नीट परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस दौरान कर्नाटक के बेंगलुरु से एक चिंताजनक मामला सामने आया था जहां ट्रैफिक में फंस जाने के चलते तीन छात्रों का पेपर छूट गया था। छात्रों के माता पिता ने देरी के लिए कांग्रेस की रैली को जिम्मेदार ठहराया था। उनका आरोप था कि वह समय से घर से निकले थे लेकिन शहर में कांग्रेस की रैली के चलते भारी ट्रैफिक जाम था जिसके चलते वह देरी से पहुंचे। यह मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने इसे लेकर कांग्रेस को घेरा था और जवाबदेही की मांग की थी जिसके बाद अब खरगे की इस मामले पर प्रतिक्रिया सामने आई है।

छात्रों से सहानुभूति लेकिन हम जिम्मेदार नहीं - खरगे

प्रियंक खड़गे ने मीडिया बातचीत के दौरान कहा कि बेंगलुरु में हमेशा से मोबिलिटी की बड़ी समस्या रही है। यह सबको पता है। इसी वजह से हमने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की थी। अगर हमने एडवाइजरी जारी नहीं की होती या लापरवाही दिखाई होती तब हमें दोष दे सकते थे। हमने हेल्पलाइन भी शुरू की थी और हजारों छात्रों ने सफलतापूर्वक परीक्षा दी। हां, अगर एक भी छात्र परीक्षा से चूकता है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन कोई छात्र गलत हॉल टिकट लेकर आया हो या मगडी से सही बस नहीं ली हो तो उसके लिए मुझे कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। खरगे ने आगे कहा कि हम सहानुभूति रखते हैं, लेकिन अगर राजनीति करनी है तो उसके लिए भी तैयार हैं। पहले पेपर लीक के लिए माफी मांगिए, एनटीए चेयरपर्सन और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कराइए, फिर मुझसे बात कीजिए।

बिहार में नीट परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा

इसी बीच बिहार के लखीसराय में नीट परीक्षा के दौरान बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने 30 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 9 कथित मुन्ना भाई, बायोमैट्रिक स्टाफ और एक मेडिकल छात्र शामिल है। जांच में सामने आया कि कई लोग असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे और पहचान सत्यापन प्रक्रिया में भी गड़बड़ी की गई। पुलिस के अनुसार कुछ फर्जी परीक्षार्थियों को बिना बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन के ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिल गया था। मामले में शामिल नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। कई आरोपी दूसरे जिलों से परीक्षा देने पहुंचे थे, जिससे पूरे गिरोह के संगठित तरीके से काम करने की आशंका जताई जा रही है।

रोहतक में STF की कार्रवाई

हरियाणा के रोहतक में भी नीट परीक्षा को लेकर एसटीएफ ने कार्रवाई की। पेपर बेचने और अभ्यर्थियों को अनुचित फायदा पहुंचाने की सूचना पर दो डॉक्टर और एक शिक्षक से करीब 13 घंटे तक पूछताछ की गई। टीम ने निजी अस्पताल से जुड़े लोगों को हिरासत में लेकर जांच की, लेकिन शुरुआती जांच में लोक परीक्षा अधिनियम-2024 के उल्लंघन का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। बाद में तीनों को छोड़ दिया गया। हालांकि जांच एजेंसियां अब भी यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं परीक्षा के नाम पर आर्थिक लेनदेन और अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने की कोई बड़ी साजिश तो नहीं चल रही थी।