
डसने के लिए फुंफकारता सांप। (फाइल फोटो: एएनआई)
Snake Bite Death in Bihar: बिहार के सहरसा सदर अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला को सांप के काटने के बाद (Snake bite death Bihar) उसके परिजन न केवल उसे, बल्कि सांप को भी डिब्बे में बंद कर अस्पताल ले (Family brings snake to hospital)पहुंचे। परिजनों ने डॉक्टरों को सांप दिखाते हुए कहा कि डॉक्टर साहब, इसी सांप ने इसे काटा है। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद (Snake bite treatment delay) उस महिला की जान नहीं बचाई जा सकी। घटना सहरसा (Saharsa snake bite case) के नगर निगम क्षेत्र के भेलवा की है। जानकारी के अनुसार, महिला अपने घर की सफाई कर रही थी, तभी एक जहरीले सांप ने उसे डस लिया। परिजनों ने तुरंत सांप की तलाश शुरू की और घर में बने एक बिल में उसे देखा। लोगों ने सांप पकड़ कर डिब्बे में बंद कर दिया और महिला को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे।
अस्पताल में परिजनों ने डॉक्टरों को सांप दिखाया। डॉक्टरों ने तुरंत महिला का इलाज शुरू किया, लेकिन देर होने के कारण उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। इस दौरान परिजन डब्बे में बंद सांप अपने पास रखे रहे, जिससे अस्पताल के कर्मचारियों में डर का माहौल बना रहा।
घटना के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों में इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। लोगों ने जहां परिजनों की सतर्कता की सराहना की, वहीं स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
स्थानीय निवासी संतोष यादव ने कहा, "परिजनों ने समझदारी दिखाई कि सांप को पकड़कर लाए, ताकि डॉक्टर सही इलाज कर सकें, लेकिन अगर अस्पताल में फौरन ट्रीटमेंट मिल जाता तो शायद जान बच सकती थी।"
सर्प विशेषज्ञ डॉ. अजय मिश्रा कहते हैं, "भारत में कई बार लोग सांप को पहचान नहीं पाते, इसलिए इलाज में समय लग जाता है। लेकिन सांप को साथ लाना कभी-कभी उपयोगी भी हो सकता है, हालांकि ये आम जनता के लिए खतरनाक है।"
इस घटना ने सहरसा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को झकझोर दिया है। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि:
क्या अस्पताल प्रशासन इस मामले की जांच करेगा?
क्या समय पर इलाज न मिल पाने पर किसी की जिम्मेदारी तय की जाएगी?
क्या सर्पदंश के मामलों के लिए विशेष ट्रेनिंग या इमरजेंसी व्यवस्था की जाएगी?
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए सर्पदंश की त्वरित पहचान और इलाज की व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
परिजनों द्वारा सांप को साथ लाना कई सवाल खड़े करता है:
क्या यह मेडिकल निर्णय में मदद करता है?
या यह एक डर या अंधविश्वास से उपजा कदम है?
कुछ लोग इसे अंधविश्वास बता रहे हैं कि "जिसने काटा, उसे साथ लाना जरूरी है", जबकि कुछ इसे एक जागरूक और उपयोगी कदम मानते हैं, जिससे ज़हर की पहचान हो सके।
विशेषज्ञ मानते हैं कि सांप की प्रजाति जानने से सही एंटी-वेनम चुनने में मदद मिलती है, लेकिन आम लोगों को इसे पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इससे उन्हें खुद खतरा हो सकता है। बहरहाल यह घटना एक दर्दनाक चेतावनी है कि सर्पदंश को लेकर हमारे समाज में जागरूकता, स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता और वैज्ञानिक सोच–तीनों की अभी भी बहुत जरूरत है।
Published on:
11 Jun 2025 07:31 pm

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