31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दिल्ली: सुपरटेक ग्रुप के चेयरमैन को 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा, जानिए क्या है पूरा मामला

Supertech Chairman Money Laundering Case: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को सुपरटेक ग्रुप के चेयरमैन आरके अरोड़ा को 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया। 40 करोड़ की संपत्ति कुर्क करने के बाद मंगलवार को अरोड़ा को गिरफ्तार किया गया था।  

2 min read
Google source verification
10 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए सुपरटेक ग्रुप के चेयरमैन, जानिए पूरा मामला

10 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए सुपरटेक ग्रुप के चेयरमैन, जानिए पूरा मामला

Supertech Chairman Money Laundering Case: दिल्ली, यूपी, हरियाणा के मशहूर बिल्डर सुपरटेक ग्रुप के चेयरमैन आरके अरोड़ा को 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बुधवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। आरके अरोड़ा इन 10 दिनों तक ईडी की हिरासत में रहेंगे। जहां जांच एजेंसी उनपर लगे आरोपों के संबंध में पूछताछ करेगी। सुपरटेक ग्रुप के चेयरमैन आर.के. अरोड़ा पर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है। उन्हें पूछताछ के लिए 10 जुलाई तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया।



40 करोड़ की संपत्ति कुर्क करने के बाद हुई थी गिरफ्तारी

बुधवार को जांच एजेंसी द्वारा अरोड़ा की 14 दिन की हिरासत की मांग करते हुए एक आवेदन दायर करने पर राउज एवेन्यू कोर्ट के ड्यूटी सत्र न्यायाधीश देवेंद्र कुमार जांगला ने उसके अनुरोध को स्वीकार कर लिया। एजेंसी ने कहा कि मामले में बड़ी साजिश का खुलासा करने के लिए आरोपी से पूछताछ जरूरी है। ईडी ने हाल ही में अरोड़ा की 40 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने के बाद मंगलवार को अरोड़ा को गिरफ्तार किया।


पूछताछ के दौरान मंगलवार को हुए थे गिरफ्तार

अरोड़ा को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया था। ईडी सूत्र ने कहा था, “वह लगातार तीन दिनों से ईडी के मुख्यालय आ रहे थे। अंततः मंगलवार को हमने उन्‍हें गिरफ़्तार कर लिया।” संघीय एजेंसी की ओर से पेश होते हुए विशेष लोक अभियोजक एनके मट्टा ने अदालत को अवगत कराया कि कंपनी और उसके निदेशकों ने रियल एस्टेट परियोजनाओं में बुक किए गए फ्लैटों के बदले संभावित खरीदारों से अग्रिम धनराशि एकत्र करके लोगों को धोखा देने की आपराधिक साजिश रची थी।


फ्लैट के नाम पर पैसा लेकर दूसरे धंधें में किया यूज

सुपरटेक पर यह आरोप भी है कि घर खरीदारों से पैसा एकत्र किया गया और बाद में अन्य व्यवसायों में शामिल फर्मों के कई खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। सूत्र ने कहा, ''इस तरह, घर खरीदारों को धोखा दिया गया।'' अरोड़ा संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके, जिसके कारण उनकी गिरफ्तारी हुई। एक महीने पहले ग्रेटर नोएडा के दादरी प्रशासन ने अरोड़ा और सुपरटेक के खिलाफ नोटिस जारी कर कुल 37 करोड़ रुपये चुकाने को कहा था।

यह भी पढ़ें - लाखों रुपए लेकर नहीं दिया फ्लैट, अब भारी मुश्किल में फंसी रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक

Story Loader