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कैश कांड में जस्टिस यशवंत वर्मा को बड़ा झटका, SC ने लोकसभा स्पीकर की कमेटी चुनौती खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा की लोकसभा स्पीकर द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति की वैधता चुनौती वाली याचिका खारिज कर दी।

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भारत

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Devika Chatraj

Jan 16, 2026

जस्टिस यशवंत वर्मा (X)

Justice Yashwant Verma Cash Scandal: कैश कांड मामले में जस्टिस यशवंत वर्मा को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट (SC) ने लोकसभा स्पीकर द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति के खिलाफ उनकी याचिका खारिज कर दी। जस्टिस वर्मा (Justice Yashwant Verma) ने इस कमेटी की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इसका गठन Judges (Inquiry) Act, 1968 के नियमों के विपरीत किया गया।

SC का जस्टिस वर्मा को निर्देश

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस वर्मा को निर्देश दिया था कि वे 12 जनवरी को लोकसभा स्पीकर द्वारा गठित समिति के सामने पेश हों। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि समिति के गठन में कुछ प्रक्रियागत खामियां जरूर थीं, लेकिन यह देखना होगा कि क्या ये इतनी गंभीर हैं कि शीर्ष अदालत को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए।

जॉइंट कमेटी का प्रस्ताव खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने अपनी ताजा प्रतिक्रिया में कहा कि जस्टिस वर्मा ने राज्यसभा डिप्टी चेयरमैन द्वारा प्रस्ताव खारिज किए जाने को चुनौती नहीं दी। लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा सभापति दोनों ने प्रस्ताव पास नहीं किया, जिससे जॉइंट कमेटी बनाना संभव नहीं था।

जस्टिस वर्मा की आपत्ति

जस्टिस यशवंत वर्मा ने लोकसभा स्पीकर द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति को चुनौती देते हुए कहा कि इसका गठन Judges (Inquiry) Act, 1968 की प्रक्रिया के विरुद्ध है। उन्होंने तर्क दिया कि जब लोकसभा और राज्यसभा दोनों में महाभियोग प्रस्ताव पेश किए गए थे, तो राज्यसभा सभापति से परामर्श के बिना केवल लोकसभा स्पीकर द्वारा एकतरफा समिति बनाना अवैध है, जिससे इसकी वैधता पर गंभीर सवाल उठते हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में (16 जनवरी 2026) उनकी इस याचिका को खारिज कर दिया, जिससे कैश कांड में जांच प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी और समिति गठन को लेकर उठे विवादों पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

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