
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को डीएमके नेता और तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी की जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी किया। सेंथिल को पिछले साल जून में नौकरी के बदले नकदी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलेे में गिरफ्तार किया गया था।
चार सप्ताह के भीतर र्डडी से जवाब मांगा
सेंथिल बालाजी की विशेष अनुमति याचिका की जांच पर सहमति व्यक्त करते हुए न्यायमूर्ति अभय एस ओका की अध्यक्षता वाली पीठ ने चार सप्ताह के भीतर र्डडी से जवाब मांगा। पीठ में न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां भी शामिल थे।लेकिन कोर्ट ने मद्रास उच्च न्यायालय के 28 फरवरी के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसने बालाजी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
बालाजी का सरकार पर प्रभाव कायम
मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एन. आनंद वेंकटेश की पीठ ने अपने आदेश में कहा था कि भले ही बालाजी ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया हो, लेकिन वह तमिलनाडु में सत्तारूढ़ दल के विधायक के रूप में बने हुए हैं और राज्य सरकार पर उनका प्रभाव कायम है। हालाकि, न्यायमूर्ति वेंकटेश ने ट्रायल कोर्ट से दिन-प्रतिदिन के आधार पर सुनवाई कर तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी करने को कहा।
Updated on:
01 Apr 2024 04:57 pm
Published on:
01 Apr 2024 04:43 pm
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