Tahawwur Rana Tihar Jail: 26/11 मुंबई आतंकी हमले में आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा तिहाड़ जेल में अत्यधिक संवेदनशील कैदियों के लिए विशेष रूप से बनाए गए वार्ड में रखा गया है।
Tahawwur Rana Tihar Jail: 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया है। उसे उच्च जोखिम (Very High-Risk) कैदियों के लिए बनाए गए विशेष वार्ड में बंद किया गया है, जहां उसके साथ छह अन्य खतरनाक अपराधी भी हैं। हालांकि, सभी अलग-अलग सेल में हैं और आपस में किसी भी तरह की बातचीत की अनुमति नहीं है।
राणा को 10 अप्रैल को भारत लाया गया था। इसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ की। 6 जून तक उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उसे पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष एनआईए जज चंदरजीत सिंह के समक्ष पेश किया गया था, जहां अदालत ने उसकी आवाज और हस्तलिखित नमूने लेने की अनुमति दी।
तिहाड़ जेल के सूत्रों के मुताबिक, राणा को जेल में बंद कैदी संख्या 1784 के रूप में दर्ज किया गया है। वह जिस ब्लॉक में रखा गया है, वह अन्य ब्लॉकों की तुलना में कम भीड़भाड़ वाला है और पूरी तरह से अलग रखा गया है। कोई भी अन्य कैदी उस वार्ड में प्रवेश नहीं कर सकता।
इंडियन एक्सप्रेस ने एक जेल सूत्र के हवाले से कहा, राणा केवल अंग्रेजी में बातचीत करता है और अब तक उसने दो अनुरोध किए हैं- कुछ किताबें और वेस्टर्न टॉयलेट। उसे छह कंबल दिए गए हैं, जिनमें से तीन वह अपने बेड पर बिछाने के लिए इस्तेमाल करता है। उसके सेल में एक पंखा भी लगाया गया है।
राणा की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन बेहद सतर्क है। उसकी सेल में चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है और वह लगातार आत्महत्या निगरानी सूची (Suicide Watch) में है। उसके लिए अलग से खाना पकाने की व्यवस्था है और खाना परोसने से पहले जेल कर्मी खुद उसे चखकर उसकी जांच करते हैं।
खानपान की बात करें तो सुबह 7 बजे चाय, बिस्किट, ब्रेड और दलिया दिया जाता है। दोपहर में दाल, चावल और सब्जी, शाम को चाय और स्नैक्स तथा रात के भोजन में फिर दाल, चावल और सब्जी दी जाती है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि वह बहुत कम खाना खा रहा है।
गौरतलब है कि तहव्वुर राणा, पाकिस्तान में अपने स्कूल के साथी और 26/11 के मुख्य साजिशकर्ता डेविड कोलमैन हेडली का करीबी है। राणा पर आरोप है कि उसने मुंबई हमलों की रेकी करने में हेडली की मदद की और आतंकियों को लॉजिस्टिक सहायता मुहैया कराई। 16 साल पहले अमेरिका में गिरफ्तारी के बाद अब उसे भारत लाकर न्याय के कटघरे में खड़ा किया गया है।