
तेलंगाना के पूर्व कैबिनेट मंत्री और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव ने बुधवार को दावा किया कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार ने केवल आठ महीनों में 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज उठाया है। पूर्व मंत्री ने कहा कि कर्ज के बाद भी सरकार ने एक भी नई परियोजना शुरू नहीं की। राज्य सरकार ने बीआरएस के बारे में अफवाहें और आधी-अधूरी सच्चाई फैलाई, जिससे राज्य का कर्ज बढ़ गया, लेकिन अब यह सभी तरह के रिकॉर्ड तोड़ रही है।
8 महीने के भीतर CM ने ले लिया 50 हजार करोड़ का कर्ज
केटीआर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "कांग्रेस 2023 में 5,900 करोड़ के राजस्व अधिशेष में “परिवर्तन” की शुरुआत कर रही है! उसने बीआरएस सरकार के बारे में अफवाहें और आधी-अधूरी सच्चाई फैलाई कि राज्य का कर्ज बढ़ गया है और अब वे सभी तरह के रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। उन्होंने 8 महीने के भीतर 50,000 करोड़ के कर्ज का आंकड़ा पार कर लिया है, वह भी एक भी नए इंफ्रा प्रोजेक्ट के बिना।" बीआरएस नेता ने कहा, "इस आश्चर्यजनक दर से मुझे अगले कुछ वर्षों में 4-5 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज जुड़ता दिख रहा है।"
गांवों और कस्बों से आ रही बदबू-KTR
एक अन्य पोस्ट में केटीआर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासन में गांवों और कस्बों से बदबू आ रही है। उन्होंने दावा किया कि ग्रामीण इलाकों में शासन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है जबकि कस्बों में स्थिति और भी खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि पंचायतें गंभीर संकट से जूझ रही हैं। केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाली धनराशि बंद हो गई है। केटीआर ने आरोप लगाया कि जिन सरपंचों का कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ है, वे कर्ज के दलदल में फंस गए हैं। उन्हें पिछले आठ महीनों के दौरान किए गए कार्यों के बिलों का भुगतान नहीं किया गया है।
Updated on:
14 Aug 2024, 5:51 PM IST
Published on:
14 Aug 2024, 3:20 PM IST
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