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Spam calls: दूरसंचार कंपनियों ने 50 संस्थाओं को बैन किया, 2.75 लाख कनेक्शन काटे

Spam calls:  भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने पिछले महीने सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं से अपंजीकृत प्रेषकों या टेलीमार्केटर्स के प्रमोशनल वॉयस कॉल को तुरंत रोकने के कड़े निर्देश दिए थे।
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नई दिल्ली

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Prashant Tiwari

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Updated: 3 Sep 2024, 6:53 PM IST

सरकार ने मंगलवार को बताया कि स्पैम कॉल और मैसेजों पर अंकुश लगाने के लिए दूरसंचार सेवा प्रदाताओं ने 50 से अधिक संस्थाओं को ब्लॉक कर दिया है और 2.75 लाख से अधिक मोबाइल नंबरों तथा अन्य दूरसंचार संसाधनों के उपभोक्ताओं के कनेक्शन बंद कर दिये हैं। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने पिछले महीने सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं से अपंजीकृत प्रेषकों या टेलीमार्केटर्स के प्रमोशनल वॉयस कॉल को तुरंत रोकने के कड़े निर्देश दिए थे। इसके बाद दूरसंचार कंपनियों ने यह कदम उठाया है।

स्पैम कॉल को रोकने की कोशिश

ट्राई ने कहा, "एक्सेस प्रदाताओं ने स्पैमिंग के लिए दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं और 50 से अधिक संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया है और 2.75 लाख से अधिक एसआईपी डीआईडी/मोबाइल नंबर/दूरसंचार संसाधनों की सेवा बंद की है।" दूरसंचार नियामक ने कहा कि इन कदमों से स्पैम कॉल को कम करने और उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने में महत्वपूर्ण प्रभाव की उम्मीद है। ट्राई ने सभी हितधारकों से निर्देशों का पालन करने और एक स्वच्छ तथा अधिक कुशल दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र में योगदान देने का आग्रह किया।

UTM के खिलाफ 7.9 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं

उसने कहा, "कोई भी अपंजीकृत टेलीमार्केटर इन संसाधनों का दुरुपयोग करते हुए पाया जाता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसमें दो साल तक के लिए सभी दूरसंचार संसाधनों को डिस्कनेक्ट करना और ब्लैकलिस्ट करना शामिल है।" ट्राई ने जनवरी-जून की अवधि में स्पैम कॉल में उल्लेखनीय वृद्धि देखी, जिसमें अपंजीकृत टेलीमार्केटर्स (यूटीएम) के खिलाफ 7.9 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं।

इस बीच, नियामक ने यूआरएल, एपीके और ओटीटी लिंक की श्वेतसूची के संबंध में अपने निर्देश का पालन करने के लिए एक्सेस सेवा प्रदाताओं को एक महीने का विस्तार दिया है। ट्राई ने पहले देश के प्रमुख दूरसंचार ऑपरेटरों को 1 सितंबर तक ऐसे संदेशों को विनियमित करने के लिए कहा था।

फिशिंग प्रयासों की संख्या को रोकने की कोशिश

इस कदम का उद्देश्य स्कैमर्स द्वारा स्पैम और फिशिंग प्रयासों की संख्या को रोकना है जो एसएमएस सेवा का उपयोग करके लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं। दूरसंचार नियामक ने अब सभी एक्सेस प्रदाताओं को निर्देश दिया है कि वे इस निर्देश के जारी होने की तारीख से 15 दिन के भीतर की गई कार्रवाई पर एक अद्यतन स्थिति और 30 दिन के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

ट्राई ने निर्देशों को न मानने की स्थिति में दंडात्मक उपायों की भी बात कही है। गलत श्रेणी के तहत पंजीकृत सामग्री टेम्पलेट्स को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा, और बार-बार अपराध करने पर प्रेषक की सेवाओं को एक महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा।

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