यह गिरफ्तारी मार्च 2025 में शुरू हुई कार्रवाई का हिस्सा है, जब शिवाजी नगर पुलिस ने रफीक नगर से आठ बांग्लादेशी ट्रांसजेंडरों को पकड़ा था। उस समय ज्योति भी हिरासत में ली गई थी, लेकिन उसके पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र समेत सभी भारतीय दस्तावेज मौजूद होने के कारण उसे रिहा कर दिया गया। बाद में पुलिस ने इन दस्तावेजों की गहन जांच की, जिसमें सभी फर्जी साबित हुए।