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उत्तराखंडः मदरसे में NCERT पाठ्यक्रम से होगी पढ़ाई, बच्चों के लिए ड्रेस कोड भी लागू

Dress Code of Madrasa: मदरसों की पहचान इस्लामी तालीम देने वाले केंद्र के रूप में है। यहां बच्चों को कुरान पढ़ाया जाता है। लेकिन अब मदरसे भी मॉर्डन बनेंगे, यहां भी एनसीईआरटी सिलेबस में पढ़ाई, बच्चों के लिए ड्रेस कोड के साथ-साथ स्कूल जैसी तमाम सुविधाएं होंगी।  
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नई दिल्ली

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Prabhanshu Ranjan

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Updated: 24 Nov 2022, 12:04 PM IST

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Uttarakhand: NCERT syllabus and Dress Code in Madrasas

Dress Code of Madrasa: मदरसा... नाम सुनते ही सिर पर टोपी लगाए दर्जनों बच्चों के एक साथ बैठकर कुरान और इस्लामी तालीम की पढ़ाई करती तस्वीर जेहन में आती है। बीते कुछ सालों में मदरसों पर कई अनैतिक कामों में लिप्त रहने का आरोप भी लगा। देश के कई राज्यों में मदरसों को आतंकी सांठगांठ के कारण बुलडोजर चलाकर गिराया भी गया। लेकिन अब इससे जुड़ी जो बड़ी खबर सामने आई है, वो मदरसों का तस्वीर और तकदीर बदल सकती है।

दरअसल मदरसों में अब राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई होगी। यहां दाखिला लेने वाले बच्चों के लिए ड्रेस कोड भी होगा। स्कूल के जैसे इसका भी सुबह के 8 बजे से दोपहर के दो बजे तक संचालन होगा। सबसे खास बात यह कि यहां सभी धर्मों के बच्चों पढ़ाई कर सकेंगे। मदरसों को हाईटेक करने का यह नियम उत्तराखंड में लिया गया है।


दरअसल उत्तराखंड में वक्फ बोर्ड के तहत आने वाले मदरसों में अगले शिक्षा सत्र से एनसीईआरटी पाठ्यक्रम और ड्रेस कोड लागू किया जाएगा। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा कि बोर्ड के दायरे में आने वाले सभी 103 मदरसों में ड्रेस कोड और एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने जा रहे हैं। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि शुरुआत में सात मदरसों को मॉडर्न स्कूल की तर्ज पर चलाया जाएगा। इन मदरसों में अन्य धर्मों के बच्चे भी पढ़ाई कर सकेंगे।


उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया कि बोर्ड के दायरे में आने वाले सभी 103 मदरसों में ड्रेस कोड और एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने जा रहे हैं। इसमें पहले चरण में देहरादून, ऊधमसिंहनगर और हरिद्वार के दो-दो मदरसों एवं नैनीताल जिले के एक मदरसे को मॉडर्न स्कूल की तर्ज पर चलाने के लिए चुना गया है। इसके बाद इस व्यवस्था को राज्य के अन्य मदरसों पर भी लागू किया जाएगा।


वक्फ बोर्ड ने बताया कि मदरसों में सुबह 6:30 से 7:30 बजे तक फजर की नमाज के बाद कुरान की शिक्षा दी जाएगी। इसके बाद सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक मदरसे सामान्य स्कूल की तरह चलेंगे, जबकि दो बजे के बाद फिर मदरसे के रूप में चलने लगेंगे। अंग्रेजी माध्यम के स्कूल की तरह इन्हें चलाया जाएगा। मदरसों में स्मार्ट क्लास होगी ताकि इनसे पढ़कर निकलने वाले बच्चे डॉक्टर और इंजीनियर बन सकें।

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