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महाराष्ट्र पहुंची त्रिपुरा हिंसा की आंच, तोड़फोड़ और पथराव के बाद 3 शहरों में स्थिति तनावपूर्ण

त्रिपुरा हिंसा के विरोध में आज महाराष्ट्र के कई इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हुए। इस दौरान उपद्रवियों ने दुकानों और गाड़ियों में तोड़फोड़ की, साथ ही पुलिस पर भी पथराव किया।
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Nitin Singh

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Updated: 12 Nov 2021, 10:37 PM IST

violence in maharashtra against of tripura violence

violence in maharashtra against of tripura violence

नई दिल्ली। बीते दिनों त्रिपुरा में हुई हिंसा की आंच अब महाराष्‍ट्र तक पहुंच गई है। जानकारी के मुताबिक आज महाराष्ट्र के तीन शहरों अमरावती, नांदेड़ और नासिक में लोगों ने जमकर तोड़फोड़ हुई। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पुलिस टीम पर भी लोगों ने पथराव किया। उपद्रवियों ने जबरदस्ती दुकानें बंद कराने की कोशिश की। फिलहाल राज्य के तीनों शहरों में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

अराजक तत्वों ने बिगाडा माहौल
बता दें कि महाराष्ट्र के कई इलाकों में आज त्रिपुरा में हुई हिंसा के विरोध में प्रदर्शन किया गया। लेकिन देखते ही देखते यह प्रदर्शऩ हिंसक हो गया। महाराष्ट्र के अमरावती में लोगों ने पत्‍थरबाजी की। जिसके बाद इलाके के कई हिस्‍सों में तनाव फैल गया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ अराजक तत्वों ने शामिल होकर माहौल खराब किया है, फिलहाल स्थिति काबू में है।

इलाके में बना हुआ है तनाव
पुलिस का कहना है कि कुछ उपद्रवी तत्‍वों की भीड़ ने महाराष्ट्र के नासिक, अमरावती और नांदेड़ जिलों में पथराव किया। नांदेड़ में हुई इस हिंसा में दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। हालांकि स्थिति को संभालते हुए पुलिस ने थोड़ा बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। इसके बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है। फिलहाल इन इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

यह भी पढ़ें: तबलीगी जमात मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से पूछा ये सवाल

बता दें कि पिछले महीनें त्रिपुरा में हिंसा देखने को मिली थी। इस दौरान कई लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अब पीड़ित परिवार सरकार से आर्थिक मदद और न्याय की मांग कर रहे हैं। वहीं देश के कई संगठन हिंसा में पीड़ित लोगों के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं। ये संगठन सराकर से आरोपियों पर कार्रवाई, मामले की सीबीआई जांच की मांग और मृतकों के परिवारों को 25-25 लाख की राहत देने की मांग कर रहे हैं।