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दिल्ली में वीजा धोखाधड़ी का पर्दाफाश, सर्बिया में नौकरी का लालच देकर 70 लाख की ठगी, दो गिरफ्तार दो फरार

Delhi Visa Fraud Busted: नेपाल के 19 नागरिकों को सर्बिया में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 70 लाख रुपये की ठगी के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया और दो फरार है।

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Delhi Police

वीजा धोखाधड़ी का भंडाफोड़ (ANI)

दिल्ली पुलिस ने एक बड़े वीजा धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें नेपाल के 19 नागरिकों को सर्बिया में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 70 लाख रुपये की ठगी की गई। इस मामले में दो मुख्य आरोपियों, ग्रेटर नोएडा निवासी जयकब (41) और छावला निवासी रूपेश (42) को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस ने 13 नेपाली पासपोर्ट और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

कैसे दिया गया ठगी को अंजाम?

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि एक संगठित गिरोह नेपाली नागरिकों को निशाना बनाकर सर्बिया में आकर्षक नौकरी का लालच दे रहा है। अप्रैल 2024 में आरोपी जयकब ने दिल्ली के सीलमपुर (जगजीत नगर) में पीड़ितों से मुलाकात की और खुद को विदेश में नौकरी दिलाने वाला प्रभावशाली व्यक्ति बताया। उसने फर्जी वीजा और जॉब ऑफर लेटर की स्कैन कॉपी दिखाकर पीड़ितों का भरोसा जीता। इसके बाद 19 नेपाली नागरिकों ने अपने पासपोर्ट सौंप दिए और क्यूआर कोड के जरिए 70 लाख रुपये जमा कराए।

जुलाई में फर्जी वीजा का खुलासा

जुलाई 2025 में जब पीड़ित वीजा लेने दिल्ली पहुंचे, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। पासपोर्ट और पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने इनकार कर दिया और धमकी दी। जांच में पता चला कि दिखाए गए वीजा और दस्तावेज पूरी तरह फर्जी थे। ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा (60 लाख रुपये) हवाला के जरिए आरोपियों के सहयोगियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

मुख्य आरोपी जयकब उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले का रहने वाला है और नेपाली भाषा में दक्षता के कारण नेपाली नागरिकों को आसानी से अपने जाल में फंसाता था। उसका साथी रूपेश, बिहार के सीवान जिले का निवासी, पिछले 15 वर्षों से ट्रैवल एजेंट के रूप में काम कर रहा था। दोनों ने मिलकर सर्बिया, खाड़ी देशों और यूरोप में नौकरी का झांसा देकर कई लोगों से ठगी की। जयकब ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने अपने साथियों सचिन और जॉर्ज के साथ मिलकर दर्जनों युवाओं से 5-10 लाख रुपये प्रति व्यक्ति ठगे हैं।

पुलिस की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस के डीसीपी (क्राइम) विक्रम सिंह ने बताया कि यह गिरोह विशेष रूप से नेपाली नागरिकों को निशाना बनाता था, क्योंकि उन्हें विदेश में नौकरी का लालच आसानी से दिया जा सकता था। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे विदेश में नौकरी या वीजा से संबंधित किसी भी ऑफर के प्रति सतर्क रहें और दस्तावेजों की सत्यता की जांच करें।