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Weather update: सावधान! रिकॉर्ड तोड़ेगी गर्मी, IMD की चेतावनी- बढे़ंगी बीमारियां; शिशुओं-बुजुर्गों और बीमार रखें खास ख्याल

Impact of Climate Change: 54 करोड़ 30 लाख लोगों को 21 मई तक महसूस होगी अत्यधिक गर्मी। राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब व उत्तर प्रदेश में इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी कहा कि शिशुओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों की अधिक देखभाल जरूरी है।

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heat waves in Rajasthan

Impact of Climate Change: उत्तर-पश्चिम भारत के विभिन्न हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी अगले पांच दिन और जारी रहेगी। पूर्वी व मध्य क्षेत्रों में अगले तीन दिन के दौरान लू चलने का अनुमान है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान व उत्तर प्रदेश में इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना है। IMD ने पूर्वी राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए रेड अलर्ट (Red Alert) जारी कर शिशुओं, बुजुर्गों व पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों समेत संवेदनशील लोगों की 'विशेष देखभाल’ पर जोर दिया।

आम चुनावों के मद्देनजर लंबे समय तक धूप में रहने वाले या भारी काम करने वाले लोगों में गर्मी से संबंधित बीमारियां बढ़ने की चेतावनी दी गई है। अमरीका स्थित जलवायु वैज्ञानिकों के एक समूह ‘क्लाइमेट सेंट्रल’ ने कहा कि देश बड़े हिस्से में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस (113 डिग्री फॉरेनहाइट ) से अधिक हो जाएगा। इससे बीमारियों और मृत्यु का खतरा बढ़ जाएगा।

45 डिग्री से अधिक तापमान

- दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश में कम से कम 20 स्थानों पर अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया।

- दिल्ली में मुंगेशपुर में अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस, नजफगढ़ में 46.7 डिग्री सेल्सियस, पीतमपुरा में 46.1 डिग्री सेल्सियस और पूसा में 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

- राजस्थान में चार स्थानों पर तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया। जैसलमेर में 46.2) बाड़मेर में 46.9, गंगानगर में 46.3 और पिलानी में 46.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

- मौसम कार्यालय ने कहा कि अगले कुछ दिन में गोवा और पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्र में उच्च आर्द्रता लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।

रात का उच्च तापमान और ज्यादा खतरनाक

- क्लाइमेट सेंट्रल में विज्ञान विभाग के उपाध्यक्ष एंड्रयू पर्सिंग ने कहा, 'जलवायु परिवर्तन ने गर्मी को और विकराल बना दिया है। रात का उच्च तापमान जलवायु परिवर्तन को विशेष रूप से खतरनाक बना देता है।'

- पर्सिंग ने कहा, इस अवधि के दौरान रात का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिरने की संभावना नहीं है। ऐसी स्थिति 'विशेष रूप से खतरनाक' हो जाएगी, क्योंकि शरीर को ठंडा होने का मौका नहीं मिलेगा।

- उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में औसत तापमान से 6 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान दर्ज होने की उम्मीद है। 54 करोड़ 30 लाख लोगों को 18-21 मई के दौरान कम से कम एक दिन अत्यधिक गर्मी महसूस होगी।

- जलवायु मस्तिष्क की कुछ स्थितियों, विशेष रूप से स्ट्रोक और तंत्रिका तंत्र संक्रमण को प्रभावित करती है। रात का उच्च तापमान नींद में खलल डालता है, जिससे मस्तिष्क की स्थितियां बिगड़ सकती हैं।

आम जन-जीवन पर खास असर

- 85 फीसदी भारतीयों का मानना है बढ़ते तापमान से उनका जीवन प्रभावित हो रहा है। इनमें एक तिहाई इसकी वजह से पलायन कर चुके हैं या करने वाले हैं।

- 71 फीसदी भारतीयों का मानना है कि वैश्विक तापमान में होता इजाफा उनके क्षेत्र में मौसम को प्रभावित कर रहा है।

- 76 फीसदी लोग इस बात से सहतम हैं कि बढ़ता तापमान कहीं न कहीं देश में मानसून पर असर डाल रहा है।

- 91 फीसदी लोग ऐसे हैं जो वैश्विक स्तर पर बढ़ते तापमान को लेकर चिंतित हैं, इनमें से 59 फीसदी वो लोग बहुत ज्यादा चिंतित हैं।

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