WFI Controversies: भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व चीफ बृजभूषण सिंह के खिलाफ प्रदर्शनकारी पहलवानों ने घोषणा की कि सिंह के खिलाफ लड़ाई अब सड़कों पर नहीं बल्कि अदालत में लड़ी जाएगी। इस घोषणा पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए रेसलिंग फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि प्रकरण अब अदालत में है और अदालत अपना काम करेगी।
WFI Controversies: भारतीय रेसलिंग फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण के आरोप में दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देने वाले पहलवानों ने सड़क पर आंदोलन बंद करने का ऐलान कर दिया। पहलवानों के ऐलान के बाद बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह की प्रतिक्रिया आई है। बृजभूषण शरण से जब इस पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने बताया- इस मामले में अदालत अपना काम करेगी और जो करेगी ठीक करेगी। उन्होंने कहा- मेरा कोई प्लान नहीं है। मुझे कोई टिप्पणी नहीं करनी है। अब प्रकरण अदालत में है। बता दें कि एक दिन पहले यानी रविवार 25 जून को बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आंदोलन कर रहे पहलवानों ने कहा था कि अब ये लड़ाई सड़क की जगह अदालत में लड़ी जाएगी। पहलवानों के आंदोलन में मुख्य भूमिका निभा रही साक्षी मलिक और विनेश फोगाट ने ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी थी।
न्याय के लिए अदालत में लड़ेंगे पहलवान
बता दें कि भारतीय रेसलिंग फेडरेशन के पूर्व चीफ बृजभूषण सिंह के खिलाफ सड़क पर फिर उतरने की चेतावनी देने के एक दिन बाद ही प्रदर्शनकारी पहलवानों ने घोषणा की कि अब सिंह के खिलाफ लड़ाई अब सड़कों पर नहीं बल्कि अदालत में लड़ी जाएगी।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से शामिल रहे पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने रविवार को ट्वीट कर बताया कि सरकार ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर करने का अपना वादा पूरा किया। इस ट्विट में उन्होंने आगे लिखा- पहलवान तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, लेकिन अब लड़ाई सड़क पर नहीं, कोर्ट में होगी।
खेल मंत्री द्वारा पहलवानों को दिया गया था आश्वासन
बता दें कि काफी लंबे वक्त से पहलवान बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट कथित यौन उत्पीड़न को लेकर रेसलिंग फेडरेशन के पूर्व चीफ सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे। 28 मई को जंतर मंतर विरोध स्थल से हटाए जाने के बाद, केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद कि भाजपा सांसद सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर किया जाएगा, पहलवानों ने 15 जून तक अपना विरोध रोक दिया था।
इसी बीच रविवार शाम को यह खबर आई की भारतीय ओलंपिक संघ के भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव 6 जुलाई से 11 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिए गए हैं। इस चुनाव में WFI की कार्यकारी समिति के सदस्यों का फैसला होना है। अध्यक्ष के एक पद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष के एक पद, उपाध्यक्ष के चार पद, महासचिव और कोषाध्यक्ष के एक-एक पद, संयुक्त सचिव के दो पद और एक कार्यकारी सदस्य के पांच पदों की जिम्मेदारी कौन सम्भालेगा इसका भी फैसला होगा।
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