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WFI Row: पहलवानों के प्रदर्शन पर राजनीति तेज, बजरंग पुनिया का झलका दर्द, बोले- हमारे बारे में समाज में…

WFI Controversies: भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व चीफ बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शनकारी पहलवानों में शामिल बजरंग पुनिया का आज दर्द झलक उठा। बजरंग ने आज बताया की पहलवानों के बारे में झूठी जानकारी फैलाई जा रही है।

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WFI Row: पहलवानों के प्रदर्शन पर राजनीति तेज, बजरंग पुनिया का झलका दर्द, बोले- हमारे बारे में समाज में...

WFI Row: पहलवानों के प्रदर्शन पर राजनीति तेज, बजरंग पुनिया का झलका दर्द, बोले- हमारे बारे में समाज में...

WFI Controversies: भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व चीफ बृजभूषण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले पहलवानों में शामिल बजरंग पुनिया का दिल भर आया। इसको लेकर बजरंग पूनिया ने ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा कि हमारे बारे में कुछ चुनिंदा राजनेता अपने निजी स्वार्थ के लिए समाज में गलत बातें फैला रहे हैं। इसको लेकर हम सब शाम को 7 बजे लाइव होंगे। आप सभी से अनुरोध है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में हमसे जुड़ें।


पहलवानों में जारी है जुबानी जंग

वहीं साक्षी मलिक और बबीता फोगाट के बीच ट्वीटर पर हुई बहस के बाद अब विनेश फोगाट और पहलवान और भाजपा नेता योगेश्वर दत्त के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। शुक्रवार को दोनों ने एक-दूसरे पर कई आरोप-प्रत्यारोप लगाए। इसके बाद शुक्रवार की रात को योगेश्वर दत्त अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लाइव आए और कई बड़े खुलासे किए।

उन्होंने विनेश पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा की विनेश ने पति के मामा को अपना कोच बताकर हरियाणा सरकार से 25-30 लाख रुपए ग्रांट दिलाई। मुझे धरने को लीड करने के लिए कहा गया। यहां तक कि हरियाणा कुश्ती संघ के अध्यक्ष पद का लालच दिया गया। ये सारे लोग मिलकर फेडरेशन पर अपना एकक्षत्र राज जमाना चाहते हैं। इन्हीं सारी बातों को लेकर आज बजरंग पुनिया सोशल मिडिया पर लाइव आएंगे और लोगों से समर्थन देने की अपील करेंगे।


क्या है नया नियम और योगेश्वर दत्त का सवाल

भारतीय ओलंपिक संघ के एडहॉक पैनल ने 6 आंदोलनकारी पहलवानों के लिए आगामी एशियाई खेलों व विश्व चैम्पियनशिप की चयन प्रक्रिया को सिर्फ एक मुकाबले की प्रतियोगिता कर दिया है। पहलवानों को इन दोनों प्रतियोगिताओं की भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए सिर्फ ट्रायल के विजेताओं को हराने की जरूरत होगी।

6 पहलवानों में विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, संगीता फोगाट, सत्यव्रत कादियान व जितेंद्र किन्हा शामिल हैं। ये सभी पहलवान 5 से 15 अगस्त के बीच ट्रायल के विजेताओं से भिड़ेंगे। ट्रायल में छूट दिए जाने को लेकर योगेश्वर दत्त ने कहा कि मुझे नहीं पता कि आईओए की इस एडहॉक कमेटी ने ऐसे ट्रायल लेने के क्या मापदंड अपनाए हैं।

अगर आपको ऐसे ही ट्रायल लेने हैं तो रवि दहिया है जो ओलिंपिक का मेडलिस्ट है, दीपक पूनिया है जो भी गोल्ड मेडलिस्ट है व ओलिंपिक में चौथा स्थान पर रहा था। अंशु मलिक है वल्र्ड की सिल्वर मेडलिस्ट व ओलंपियन है। सोनम मलिक है। इनके अलावा और भी बहुत से पहलवान हैं जो इस देश में नंबर वन है। लेकिन इन 6 ही पहलवानों को ट्रायल में छूट देना मेरी समझ से बाहर है।

यह गलत है ऐसा तो आज तक जो पहले पैनल थे उसने भी नहीं किया है। उन्होने कहा कि हमारे जितने भी पहलवान हैं, उनसे अपील है कि आप अपनी आवाज जरूर उठाइए। मैं यह नहीं कह रहा कि आप धरना दीजिए, प्रदर्शन कीजिए। आप खूब मेहनत कीजिए लेकिन आप अपनी आवाज जरूर उठाइए।


विनेश फोगाट ने इस अंदाज में योगेश्वर दत्त पर निशाना साधा

योगेश्वर दत्त का वीडियो सुना तो उसकी वह घटिया हंसी दिमाग़ में अटक गई। वह महिला पहलवानों के लिए बनी दोनों कमेटियों का हिस्सा था। जब कमेटी के सामने महिला पहलवान अपनी आपबीती बता रही थीं तो वह बहुत घटिया तरह से हंसने लगता। जब 2 महिला पहलवान पानी पीने के लिए बाहर आयीं तो बाहर आकर उनको कहने लगा कि कुछ ना हो बृजभूषण का। जाके अपनी प्रैक्टिस कर लयो।

एक दूसरी महिला पहलवान को बड़े भद्दे तरीक़े से बोला कि ये सब तो चलता रहता है इसको इतना बड़ा इशू मत बनाओ। कुछ चाहिए हो तो मुझे बताओ। कमेटी की बैठक के बाद योगेश्वर ने महिला पहलवानों के नाम बृजभूषण और मीडिया को लीक कर दिये। उसने कई महिला पहलवानों के घर फ़ोन करके यह भी कहा कि अपनी लड़की को समझा लो। वह पहले ही सरेआम महिला पहलवानों के ख़िलाफ़ बयान दे रहा था, उसके बावजूद उसे दोनों कमेटियों में रखा गया।

वह पहलवानों और कोचों को महिला पहलवानों के आंदोलन में शामिल होने से लगातार रोकता रहा। सारा कुश्ती जगत समझ गया था कि योगेश्वर बृजभूषण की थाली का झूठा खा रहा है। समाज में कोई भी अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाता है तो योगेश्वर ज़रूर उल्टियाँ करता है।

पहले किसानों, जवानों, छात्रों, मुसलमानों, सिखों पर घटिया टिप्पणियाँ कीं और अब महिला पहलवानों को बदनाम करने में लगा हुआ है। समाज से ग़द्दारी के कारण ही दो बार चुनाव में औंधे मुँह गिरे हो तुम और मैं चैलेंज करती हूँ कि कभी ज़िंदगी में चुनाव नहीं जीतोगे, क्योंकि समाज ज़हरीले नाग से हमेशा सावधान रहता है और उसके कभी पैर नहीं लगने देता।

कुश्ती जगत को आपका बृजभूषण के तलवे चाटना हमेशा याद रहेगा। महिला पहलवानों को तोड़ने में इतना ज़ोर मत लगाओ, बहुत पक्के इरादे हैं इनके। ध्यान रखना कहीं ज्यादा जोर लगवाने से कमर न टूट जाए। रीढ़ तो पहले ही बृजभूषण के पैरों में रख चुके हो। तुम बहुत संवेदनहीन इंसान हो। ज़ालिम के हक़ में खड़े हो उसकी चापलूसी कर रहे हो।

जब तक कुश्ती में योगेश्वर जैसे जयचंद रहेंगे, यकीनन जालिमों के हौंसले बुलंद रहेंगे।

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