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मार्केट से गायब हुए 2000 रुपये के नोट, अब ATM से भी नहीं निकलेंगे, RBI ने रिपोर्ट में बताई ये वजह

नोटबंदी के बाद देश में करेंसी में काफी बदलाव हुआ। सरकार ने पहली बार 1000 रुपये के नोट बंद करते हुए 2000 रुपये का नोट प्रचलन में लाया था लेकिन अब धीरे-धीरे बाजार से 2000 रुपये के नोट कम हो रहे हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर

देश में नोटबंदी के बाद भारतीय मुद्रा में काफी बदलाव किया गया था। मोदी सरकार ने पुराने 1000 और 500 रुपये के नोट बंद करने के बाद 500 रुपये के नए नोट के साथ 2000 रुपये का नोट प्रचलन में लाया था। कुछ महीनों बाद धीरे-धीरे बाजार से 2000 रुपये के नोट कम हो रहे हैं। इसके बाद से 2000 रुपये के नोटों की कमी देखी जा रही है। बीते कुछ सालों से 2000 रुपये के नोट एटीएम से भी नहीं निकल रहे है। लंबे समय लोग 2000 रुपये के गुलाबी नोट को नहीं देखे है। भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी सालाना रिपोर्ट को लेकर 2000 रुपये के नोट को लेकर बड़ी जानकारी दी है।


रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट में 2000 रुपये के नोट की कमी को लेकर बड़ी वजह सामने आई है। आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2019-20, वित्त वर्ष 2020-21 और वित्त वर्ष 2021-22 में 2000 रुपये के एक भी नोट नहीं छापे गए हैं। नोट नहीं छपने के कारण बाजार में 2000 रुपये के नोट का सर्कुलेशन कम हो गया है। रिजर्व बैंक ने 2000 रुपये के नोट को बंद नहीं किया है लेकिन इनकी छपाई नहीं हो रही है।


रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बीते साल मार्च महीने के बाद से बैंकों को 2000 रुपये के नोटों की आपूर्ति बंद कर रखी है। आरबीआई 2000 रुपये के नए नोट जारी नहीं कर रहा है। ऐसे में इस बात की आशंका जताई जा रही है कि आने वाले समय में शायद 2000 रुपये के नोट प्रचलन से बाहर हो जाएं। बाजार से लेकर सशंकित भी है।


आपको बता दें कि नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के बाद 2000 रुपये के नोट को आरबीआई ने जारी किया था। 8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर करने साथ ही 500 और 2000 रुपये के नए नोट जारी किए थे। मानना था कि 2000 रुपये का नोट पूराने नोट की वैल्यू की भरपाई आसानी से कर देगा।

Published on:
12 Nov 2022 03:30 pm
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