
वाटर ट्रीटमेंट प्लान का दौरा करते सिंचाई मंत्री सौरभ भारद्वाज
नई दिल्ली। हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी की वजह से दिल्ली में यमुना नदी फिर उफान पर पहुंच गई है। रविवार शाम तक इसका जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 206.70 मीटर तक पहुंच गया। पानी की आवक लगातार बनी रहने से जलस्तर और अधिक बढ़ने की सम्भावना है। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार अलर्ट मोड पर है।
बाढ़ एवं सिंचाई विभाग मंत्री सौरभ भारद्वाज व विभागीय अधिकारी हालात पर नजर रखे हुए हैं। भारद्वाज ने रविवार को वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा कर अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति में भी प्लांट सुचारू ढंग से काम करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पिछली बार यमुना का पानी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में घुस जाने से ट्रीटमेंट प्लांट को बंद करना पड़ा था। इस बार कोशिश की जा रही है कि पानी प्लांट में न घुसे। इसके लिए दीवारों को ऊंचा करने के साथ अन्य व्यवस्थाएं की जा रही है।
भारद्वाज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हथिनी कुंड बैराज से दो लाख क्यूसेक से ज्यादा क्षमता के साथ पानी छोड़ा जा रहा है। इससे यमुना का जलस्तर रविवार शाम तक 206.7 मीटर तक पहुंच गया। सम्भव है सोमवार सुबह तक जलस्तर और अधिक बढ़ जाए। पिछली बार भी यमुना का जलस्तर अब तक के सर्वाधिक 208 मीटर तक पहुंच जाने से दिल्ली में बाढ़ के हालात बन गए थे।
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों यमुना का पानी दिल्ली की सड़कों पर आ गया था। इन सभी स्थानों की पूरी तरह निगरानी की जा रही है। इन स्थानों पर दीवारें ऊंची करने जैसी कई व्यवस्थाएं की गई है ताकि पानी यमुना बाहर निकल तक सड़कों तक नहीं आए। इसके लिए सरकार ने 60 अलग-अलग टीमों का गठन किया है। ये टीमें पिछली बार बाढ़ की चपेट में आए क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं।
Published on:
23 Jul 2023 10:22 pm

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