प्रधानमंत्री मोदी ने आज 'ऑपरेशन दोस्त' अभियान के तहत भूकंपग्रस्त तुर्की और सीरिया की मदद वाले NDRF सहित अन्य संगठनों के बचाव दलों से बातचीत की। इसके साथ उन्हें संबोधित करते हुए जमकर तारीफ की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार यानी आज ऑपरेशन दोस्त (Operation Dost) के तहत भूकंप प्रभावित तुर्की और सीरिया में राहत और बचाव अभियान चलाने वाले एनडीआरएफ टीमों और अन्य आपदा प्रबंधन कर्मियों के साथ बातचीत की। इसके बाद उन्हें संबोधित करते हुए कहा कि "मैं आज आप सभी को सलाम करता हूं। जब कोई दूसरों की मदद करता है तो वह निःस्वार्थ होता है। यह न केवल व्यक्तियों पर बल्कि राष्ट्रों पर भी लागू होता है।"
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि "ऑपरेशन दोस्त से जुड़ी पूरी टीम ने बहुत बेहतरीन काम किया है। यहां तक कि हमारे बेज़ुबान दोस्तों Dog squads के सदस्यों ने भी अद्भुत क्षमता का प्रदर्शन किया है। आप सभी पर देश को बहुत गर्व है। हमारी संस्कृति ने हमें 'वसुधैव कुटुम्बकम' की सीख दी है। इसलिए तुर्की हो या फिर सीरिया हो, पूरी टीम ने इन्हीं भारतीय संस्कारों का प्रदर्शन किया है। हम पूरे विश्व को एक परिवार मानते हैं। जब परिवार का कोई सदस्य मुसीबत में हो तो उसकी मदद करना भारत का कर्तव्य है।"
आत्मनिर्भर के साथ निःस्वार्थ राष्ट्र के रूप में बनी भारत की पहचान: PM
गुजरात में आए भूकंप को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि "मैंने प्राकृतिक आपदा के साथ आने वाली समस्याओं को देखा है और मेरा पहला अनुभव 2001 में गुजरात भूकंप के दौरान हुआ था। भुज में पूरा अस्पताल ढह गया था और ऐसे में बचाव और राहत कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया था। तुर्की में बचाव और राहत मिशन के दौरान आप सभी ने जो कड़ी मेहनत और साहस दिखाया है, उसकी मैं कल्पना कर सकता हूं। जब कोई अपनी मदद खुद कर सकता है तो हम उसे आत्मनिर्भर कहते हैं। लेकिन जब स्वेच्छा से मदद की पेशकश की जाती है तो यह निःस्वार्थ होती है। पिछले कुछ सालों में भारत न केवल आत्मनिर्भर बना है बल्कि स्वयं को एक निःस्वार्थ राष्ट्र के रूप में भी स्थापित किया है।
दुनिया की सबसे अच्छी बचाव और राहत टीम बने NDRF
प्रधानमंत्री ने कहा कि "ऑपरेशन दोस्त मानवता के प्रति भारत के समर्पण और संकट में राष्ट्रों के साथ खड़े होने की हमारी प्रतिबद्धता का एक उदाहरण है। हम हमेशा दुनिया के किसी भी हिस्से में किसी भी आपदा के लिए सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाले रहे हैं। वहीं पिछले कुछ सालों के दौरान NDRF देश के लोगों के बीच भरोसा कायम करने में सफल रहा है। चक्रवात हो, बाढ़ हो, या भूकंप हो, आप सभी को संकट में आशा और विश्वास की एक किरण के रूप में देखा जाता है और यह NDRF के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। मैं NDRF के प्रयासों की सराहना करता हूं और देश आपकी तैयारियों के प्रति आश्वस्त है, लेकिन मैं आप सभी से अनुरोध करूंगा कि आप इतने पर ही न रुकें और अपनी क्षमताओं को बढ़ाते रहें ताकि NDRF दुनिया की सबसे अच्छी बचाव और राहत टीम बने।"
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