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तेलंगाना में YSR पार्टी नहीं लड़ेगी चुनाव, कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान

आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की छोटी बहन शर्मिला ने बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा है कि युवजन श्रमिका रायथू कांग्रेस पार्टी यानी YSRCP तेलंगाना विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी।

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आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की छोटी बहन शर्मिला ने बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा है कि युवजन श्रमिका रायथू कांग्रेस पार्टी यानी YSRCP तेलंगाना विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी। इसके साथ कांग्रेस समर्थन की भी घोषणा शर्मिला ने कर दी है। उन्होंने कहा कि वोट विभाजन रोकने के लिए ऐसा जरूरी था और इससे अब भारत राष्ट्र समिति को नुकसान होगा। तेलंगाना में 119 विधानसभा सीटों पर चुनाव हो रहा है। इससे कांग्रेस का फायदा होने की पूरी संभावना है।

हैदराबाद में पत्रकारों को बात करते हुए शर्मिला ने कहा कि तेलंगाना विधानसभा चुनाव में उनके पास BRS के भ्रष्ट और तानाशाही शासन को समाप्त करने का मौका है। ऐसे में वह वोटों का विभाजन नहीं चाहती थी। अगर उनकी पार्टी चुनाव लड़ती तो इससे के चंद्रशेखर राव को ही फायदा पहुंचता। अब ऐसा नहीं होने जा रहा है। पिछले दिनों ही शर्मिला ने सोनिया और राहुल गांधी से मुलाकात की थी। ऐसे में यह अटकले पहले से ही लगाई जा रही थी।

केंद्र में भाजपा के साथ और राज्य में कांग्रेस के साथ
भारतीय राजनीति में यह एक विचित्र स्थिति है जब एक क्षेत्रीय पार्टी दो राष्ट्रीय पार्टियों के साथ अलग अलग संबंध में है। आंध्र प्रदेश में YSR कांग्रेस का केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन में है वहीं अब उसने तेलंगाना में कांग्रेस के साथ गठबंधन कर लिया है।

नौ महीने पहले चुनाव करा जीत लिया था गढ़
तेलंगाना राष्ट्र समिति अब भारत राष्ट्र समिति के प्रमुख और मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने 2018 में नौ महीने पहले विधानसभा चुनाव कराकर पूरा गढ़ जीत लिया था। 2018 के विधानसभा चुनाव में तेलंगाना राष्ट्र समिति ने 88,कांग्रेस ने 19, AIMIM ने सात और टीडीपी ने 2 और भाजपा ने महज एक सीट जीती थी। उस समय राव को हराने के लिए कांग्रेस, तेलंगाना जन समिति, तेलुगु देशम पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी गठबंधन किया था।

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