नीमच/रतलाम। दो दिन में ही नीमच रेलवे स्टेशन लोगों की कौतुहल का विषय बन गया। जब भी ट्रेन स्टेशन पर पहुंचने वाली होती है इससे पहले लोगों की भीड़ वहां हो रही चित्रकारी को निहारती दिखाई देती है। कलाकारों द्वारा अपने सदे हाथों से तेज गति से दीवारों पर नीमच के इतिहास को सजीव किया जा रहा है।
देर रात तक कर रहे हैं चित्रकारी यूथ पाठशाला फाउंडेशन के प्रदेश प्रभारी निलेश नागर ने बताया कि सेामवार रात 11.30 बजे तक कलाकारों ने रेलवे स्टेशन के महिला प्रतीक्षालय में चित्रकारी की। इसके बाद मंगलवार सुबह 9 बजे फिर से अपने काम में जुट गए थे। महिला प्रतीक्षालय में दो दीवारों पर कलाकृति लगभग पूरी हो चुकी है। सिर्फ फिनिसिंग टच दिया जाना शेष है। तीसरी दीवार पर भी काम शुरू हो चुका है। पूरी उम्मीद है कि मंगलवार देर रात तक यह काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद हम पुरूष प्रतीक्षालय में भी कलाकृतियां बनाने का काम शुरू करेंगे।
लगातार जारी है कलाकारों का आगमन नागर ने बताया कि सतरंगी भारत अभियान से जुड़े मेट्रोपोलिस एशिया के स्थापित कलाकारों का यहां आना लगातार जारी है। मंगलवार को रंगोली एक्सपर्ट आनंद भी सुबह भोपाल से नीमच पहुंचे। पोट्र्रेट एक्सपर्ट राजू विश्वकर्मा भी रात को नीमच पहुंचे। राजू विश्वकर्मा ने ही
सिंहस्थ में क्षिप्रा नदी के तट पर पोट्र्रेट बनाए थे। खजुराहों विमानतल पर सम्पूर्ण कलाकृतियां उन्होंने ही बनाई है। मंगलवार रात 2 और कलाकारों के यहां पहुंचने की उम्मीद है। तीन-चार अन्य कलाकारों के यहां पहुंचने से चित्रकारी के काम में भी तेजी आएगी।
पूर्वोत्तर से बाहर निकल दे रहे कला एवं संस्कृति को बढ़ावा मेट्रोपोलिस एशिया के मालिक रंजन ने सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों एवं आमजन से मिल रहे सहयोग के लिए धन्यवाद। यह क्षेत्र हमारे लिए नया है, लेकिन सीआरपीएफ हमारे लिए सर्वोपरि है। बल के जवान देश और जनता की सेवा में अपने प्राणों की बाजी लगा रहे हैं। हम उनके बलिदान और वीरगाथा को चीरस्थाई बनाने के लिए ही नीमच आए हैं। हमें उम्मीद है कि इसमें हम पूरी तरह सफल होंग। जिस तरह यहां की जनता का प्रेम हमे मिल रहा है आगे भी समर्थन मिलता रहेगा। रंजीन ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर आने वाले लोगों को डूडल आर्ट काफी पसंद आ रही है। उन्होंने बताया कि मेट्रोपोलिस एशिया कला एवं संस्कृति का प्रचार एवं प्रसार करने में पूर्वोत्तर में सबसे अग्रणी है। अब उसका उद्देश्य पूर्वोत्तर से बाहर पूरे देश में कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देना है और इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए सतरंगी भारत अभियान हाथ में लिया गया है। इस अभियान के अंतर्गत ही हमें नीमच आने का अवसर मिला। भारतीय संस्कृति को जन जन तक पहुंचाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
अभियान के तहत दे रहे स्वच्छता का संदेश निलेश नागर ने बताया कि रेल्वे स्टेशन पर होने वाली चित्रकारी में महिला सशक्तिकरण, सीआरपीएफ का इतिहास शौर्य,
स्वच्छ भारत अभियान का प्रचार-प्रसार, नीमच-मालवा की लोक संस्कृति एवं लोक कला के बारे में चित्रकारी की जाएगी।
स्वच्छ भारत अभियान में केवल चित्रकारी कर देने भर से हमारी जिम्मेदारी पूरी नहीं होगी। हमारा मुख्य उद्देश्य जन साधारण तक स्वच्छता का संदेश देना और उन्हें इसके प्रति जागरूक बनाना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए ही हमने भावी पीढ़ी यानी बच्चों को इसका हिस्सा बनाया है, ताकि आज न सही आने वाले समय में हमारे गांव, शहर, जिला, राज्य और पूरा देश स्वच्छ व सुंदर हो।