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मध्य प्रदेश के 68 गांव में चलता है खुलेआम जिस्मफरोशी का धंधा

- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चिंता बढ़ी

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मध्य प्रदेश के 68 गांव में चलता है खुलेआम जिस्मफरोशी का धंधा

मध्य प्रदेश के 68 गांव में चलता है खुलेआम जिस्मफरोशी का धंधा

नीमच। उच्चतम न्यायालय ने 26 मई बृहस्पतिवार को एक अहम फैसला लिया। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि वेश्यावृत्ति भी एक प्रोफेशन है तथा पुलिस को उनके काम में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। इस निर्णय के बाद अब मालवा में अचानक हलचल बढ़ गई है, क्योंकि नीमच, मंदसौर तथा रतलाम में एक धर्म की महिलाऐं देह व्यापार को कुप्रथा के तौर पर ढो रही हैं। ऐसे में उच्चतम न्यायालय के ताजा फैसले के अपने-अपने मायने निकाले जा रहे हैं।

दरअसल, नीमच, मंदसौर, रतलाम जैसे शहरों से गुजरने वाले अंतरराज्यीय राजमार्ग के किनारे तकरीबन 50 से ज्यादा ऐसे डेरे हैं, जहां पर देह व्यापार खुले में होता है। पिछले सालों में पुलिस ने कई छापामार कार्रवाइयों में इन ठिकानों से सैकड़ों ऐसी बच्चियों को छु?ाया है, जिनसे देह व्यापार कराया जा रहा था। दरअसल बांछड़ा समाज की महिलाएं इस कुप्रथा को लंबे अरसे से ढोती आ रही है। शाम होते ही हाइवे के किनारे की बस्तियों, डेरे गुलजार हो जाते हैं। वही उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में कहा है कि सेक्स वर्कर्स को उनकी व्यवसायगत स्वतंत्रता होनी चाहिए। पुलिस, प्रशासन या तंत्र उन्हें बिना कारण परेशान न करे। उन्हें भी सम्मान से जीने का अधिकार है। इस फैसले के बाद इस समुदाय में खासी हलचल है। किन्तु इसी धर्म के जो सुधारवादी युवा हैं, वे यह भी चिंता जता रहे हैं कि इन फैसले की आ? में नाबालिग बच्चियों के शोषण बढ़ सकता है।

अंतर्राज्यीय स्तर पर इनका धंधा
राजस्थान और एमपी में जेतपुरा से सैक्स रेकेट के तार जुडे हुए है। नीमच-जवासा मार्ग पर सैकडों राहगीर गुजरते है, बीच में सज रही सैक्स मंडी में ईशारेबाजी, जिस्म की नुमाईश के नजारें देखकर राहगीर शर्मसार हो जाते है। जिले के मां भादवामाता प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पहुंच का महत्वपूर्ण मार्ग भी यह माना जाता है। हजारों भक्त इस रेड लाइट ऐरिया से गुजरते है और पुलिस प्रशासन को कोसते हुए नजर आते है। सैक्स का बाज़ार 24 घंटे सजता है। जेतपुरा फंटे और आस-पास जिस्म की नुमाईश सरेआम होती है। अतिक्रमण कर बनाए गए अडडों के सामने चारपाही लगाकर युवतियां बैठ जाती है, दिन हो या रात, 24 घंटे के नजारे एक जैसे रहते है।

वर्ष 2010-11 में जमींदोज हुए थे अडडे
जिले में वर्ष 2010-11 में जेतपुरा में संचालित हो रहे देह व्यापार के अडडों पर बडी कार्रवाई हुई थी। गोपी की ढाणी से लेकर जेतपुरा फंटे पर जिला पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई की। दलबल के साथ हुई कार्रवाई में अवैध अतिक्रमण कर बनाए गए सारे घर जमींदोज कर दिए थे। इस कार्रवाई से बांछडा समुदाय से जुडी हुई देह व्यापार में लिप्त् महिलाओं और युवतियां पलायन कर गई थी। कुछ माह बाद प्रशासन की ढील के बाद वापस यहां पर देह व्यापार के अडडे लगना शुरू हो गए। अब स्थिति यह हो गई है कि 150 से ज्यादा ठिकानें यहां पर अवैध रूप से तान दिए है और उम्र के हिसाब से यहां पर औरत और युवतियों के रेट तय होते है।

उच्च न्यायालय में लगा रखी है याचिका
उल्लेखनीय है कि नाबालिग लड़कियों से मालवा में देह कारोबार कराने पर प्रतिबंध लगाने के लिए समुदाय के एक युवा आकाश चौहान ने उच्च न्यायालय में याचिका लगा रखी है। उनका कहना है कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद अब नाबालिग लड़कियों का देह व्यापार बढ़ेगा, क्योंकि यहां नेशनल हाइवे पर कई अवैध ठाबे हैं, जहां देह व्यापार सरलता से होता है। अभी फिलहाल नीमच, मंदसौर तथा रतलाम तकरीबन 2000 नाबालिग बच्चियां देह व्यापार में लिप्त है। अदालत के फैसले के बाद अब इस समुदाय के लोग को खुल्ली छूट मिल गई है।