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ट्रेन हादसे में युवक की मौत के मामले में दो पुलिसकर्मी निलंबित

बीते रविवार को ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत की घटना की प्रारंभिक जानकारियों के आधार पर दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

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vikram ahirwar

Dec 22, 2016

Neemuch News

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नीमच। बीते रविवार को ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत की घटना की प्रारंभिक जानकारियों के आधार पर दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। परिजनों ने युवक की मौत के पीछे पुलिस कार्रवाई का दोष बताया था और जांच कर दोषियों को दंडित करने की मांग की थी। एडिशनल एसपी राकेशकुमार सगर ने पुलिसकर्मियों के निलंबन के आदेश दिए हैं।

यह थी घटना

18 दिसंबर को दोपहर मेरठ लिंक एक्सप्रेस की चपेट में आने से युवक की मौत हो गईथी। इस घटनाक्रम को लेकर प्रारंभिक जानकारी यह सामने आई थी कि शिवघाट के पास रेलवे पटरी से नीचे की तरफ कुछ लोग जुआ खेल रहे थे। जहां पर पुलिसकर्मियों ने दबिश दी थी। भागदौड़ में आसपास मौजूद योगेश उर्फ अंकित पिता प्रहलाद सैनी निवासी भोलाराम कंपाउंड भी पुलिस की चपेट में आ गया। दौड़ते वक्त योगेश अचानक वहां से गुजर रही ट्रेन की चपेट में आ गया। वही दूसरे दिन 19 दिसंबर को मृतक योगेश की अंतिम यात्रा निकाली गई। तब टैगोर मार्ग पर कैंट थाने के सामने शवयात्रा रोककर परिजनों ने एएसपी राकेशकुमार सगर और एसडीएम आदित्य शर्मा को ज्ञापन सौंपकर हादसे का कारण पुलिस द्वारा युवक का पीछा करना बताया था। इसमें घटना की जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की गई थी। इस मामले में एएसपी सगर ने सीएसपी अभिषेक दीवान को जांच अधिकारी नियुक्त किया था।

दोनों आरक्षकों की मौके पर थी मौजूदगी

एएसपी द्वारा जुटाए गए तथ्यों में जानकारी सामने आई है कि बघाना थाने पर पदस्थ आरक्षक जोनिश तंवर और कैलाश डाबी उस दौरान घटनास्थल पर थे जब यह हादसा हुआ। हालांकि अब तक भी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों आरक्षक जुआरियों को पकडऩे गए थे तब ही अंकित का भी उन्होने पीछा किया था या नहीं, लेकिन यह तथ्य पता चला है कि हादसा जब हुआ तब दोनों आरक्षक रेलवे ट्रैक के पास थे, हादसे के दौरान उन्हें मदद करना चाहिए थी जबकि वे वहां से रफुचक्कर हो गए। थाने पर या अधिकारियों को भी उन्होंने कोई सूचना नहीं दी। इसी आधार पर निलंबन की कार्रवाई की है।

विभागीय जांच होना अभी शेष है

मृतक के परिजनों ने ज्ञापन देकर जांच की मांग की थी। मामले की जांच सीएसपी द्वारा की जा रही है, लेकिन घटनाक्रम के बारे में कुछ तथ्य सामने आए जिसमें पता चला कि दोनों आरक्षकों की मौजूदगी घटनास्थल के आसपास थी। पुलिस की ड्यूटी होती है हादसे की जानकारी मिलने के बाद तुरंत मदद करे लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यह बड़ी लापरवाही है। इस कारण दोनों को निलंबित किया गया है।

-राकेश कुमार सगर, एडिशनल एसपी नीमच

जांच की जा रही

घटना की जांच की जा रही है। अभी तक परिजनों के बयान दर्ज होना शेष हैं। घटनास्थल का दोबारा मुआयना किया गया, प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आए हैं। प्राथमिक सूचनाओं के आधार पर दोनों आरक्षकों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। पूरी जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। दोष पाया जाता है तो प्रभावी कार्रवाई होगी।

- अभिषेक दीवान, सीएसपी नीमच

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