नीमच/रतलाम। अब तक सतरंगी भारत अभियान के अंतर्गत रेलवे स्टेशन पर चित्रकारी करने के लिए रेल मंत्रालय से अनुमति का इंतजार किया जा रहा था। शुक्रवार को अभियान से जुड़ी संस्था को इसकी लिखित अनुमति मिल गई। 30 जुलाई को पूर्वोत्तर से यहां राष्ट्रीय स्तर के कलाकार चित्रकारी करने पहुंच जाएंगे।
डीआरएम की ओर से मिला सहमति पत्र
यूथ पठाशाला फाउंडेशन के प्रदेश प्रभारी निलेश नागर ने बताया कि रेल्वे स्टेशन पर बनाए जाने वाले चित्रों को संकलित कर के आधिकारिक सहमति के लिए रेल्वे बोर्ड नई दिल्ली को सौंपा गया था। शुक्रवार को डीआरएम कार्यालय रतलाम से यूथ पठाशाला फाउंडेशन को सहमति पत्र मिल गया है। अब नीमच रेल्वे स्टेशन पर कलाकृतियां बनाने का रास्ता साफ हो गया है। फाउंडेशन और सीआरपीएफ की ओर प्रधानमंत्री कार्यालय और रेल मंत्रालय को भेजे गए अधिकतर चित्रों पर सहमति बनी है। चुनिंदा चित्रों पर रेल्वे बोर्ड ने आपत्ति जताई है। इन चित्रों के स्थान में कुछ अन्य चित्रों को शामिल कर लिया जाएगा। जो चित्र रिजेक्ट किए हैं वे सीआरपीएफ की ओर से फाउंडेशन को दिए गए थे। सीआरपीएफ मुख्यालय को इसके बारे में सूचित कर दिया गया है। मुख्यालय के आला अधिकारियों का कहना है की इस पर वे रेल्वे बोर्ड से चर्चा कर के सहमति बनाने की कोशिश करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय की है अभियान पर नजर
नागर ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर चित्रकारी की शुरुआत सबसे पहले पुरूष और महिला वेटिंग रूम से की जाएगी। इसके लिए सीआरपीएफ ने पूरी तैयारी कर ली है। पहले दीवारों को साफ कर सफेद पेंट किया जाएगा। इसके बाद कलाकृतियां बनने का काम शुरू होगा। नीमच रेल्वे स्टेशन पर होने वाली चित्रकारी पर प्रधानमंत्री कार्यालय लगातार नजर रखे हुए हैं। यूथ पाठशाला फाउंडेशन प्रधानमंत्री कार्यालय को अभियान के संबंध में ऑपरेट खबरें पहुंचा रहा है। सीआरपीएफ हेड ऑफिस सीजीओ काम्प्लेक्स नई दिल्ली से भी सीआरपीएफ के पीआरओ ने अभियान के बारे में चल रही गतिविधियों की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि एक अगस्त को नीमच के सीआरपीएफ ग्रुप केंद्र का स्थापना दिवस है। इसलिए अभियान की शुरुआत भी एक अगस्त से की जाएगी।
अन्य स्थापित कलाकार भी पहुंच रहे हैं नीमच
नागर ने बताया कि मेट्रोपोलिस एशिया ने अभियान के तहत नीमच रेलवे स्टेशन पर चित्रकारी करने आने वाले कलाकरों की सूची में एक नाम और जोड़ा है। मेट्रोपोलिस एशिया के मालिक रंजन पूर्वोत्तर के सबसे अच्छे विजुअल आर्टिस्ट को भी नीमच लेकर आ रहे हैं। विजुअल आर्टिस्ट भास्कर चेतीय संस्कार भारती के पूर्वोत्तर प्रभारी हैं। 18 वर्ष से कला एवं संस्कृति के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। जमीनी स्तर के कार्यकर्ता रहे हैं। रंजन का कहना है की हम नीमच के लिए अपना सबसे अच्छा काम करने की कोशिश करेंगे। क्योंकि जब सीआरपीएफ हमारी सुरक्षा में अपना सबसे बेहतरीन देने के लिए प्रतिबद्ध है तो हम भी उनके कार्य को कलात्मक रूप से सिखाने के लिए अपना सबसे अच्छा काम करने की पूरी कोशिश करेंगे। आने वाली टीम में यूथ पाठशाला फाउंडेशन की महासचिव प्रियंका भारद्वाज जो स्वयं ऑल इंडिया रेडीओ में कार्यरत हैं का नाम भी शामिल है। ललित कला अकाउमी नई दिल्ली के मीडिया सलाहकार एवं जनसम्पर्क का कार्य देख रहे हिमांशु डबराल भी बीच बीच में आ कर सतरंगी भारत अभियान का अवलोकन एवं निरीक्षण करेंगे। ऐसे निर्देश उन्हें ललित कला अकादमी नई दिल्ली की ओर से जारी किए गए हैं। डबराल स्वयं कला एवं संस्कृति के क्षेत्र से काफी समय से जुड़े हुए हैं। कुल मिलाकर नीमच आने वाली कलाकारों की पूरी टीम युवा है। इनके पास नई सोच और तकनीक के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव है।