
Couple Dead in Delhi: राष्ट्रीय राजधानी में घर के अंदर पति-पत्नी के अलग-अलग कमरों में शव मिलने से सनसनी फैल गई। मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जीटीबी अस्पताल भेजा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार रात करीब 12 बजे ज्योति नगर थाने में पीसीआर कॉल पर कपल के शव मिलने की सूचना मिली थी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग है, क्योंकि अलग-अलग कमरों में पति-पत्नी कथित तौर पर दुपट्टे के सहारे छत से लटकते मिले हैं। बहरहाल, मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के ज्योति नगर में एक शादीशुदा जोड़ा अपने घर में मृत पाया गया। प्रथम दृष्टया देखने पर मामला आत्महत्या का लग रहा है। घटना नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के ज्योति नगर की है, जहां एक शादीशुदा जोड़ा अपने ही घर के अलग-अलग कमरों में मृत पाया गया। दोनों की पहचान 55 साल के अजय कुमार और 50 साल की रीता के रूप में हुई है। पहली नजर में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, हालांकि शवों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हकीकत का पता चल सकेगा। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें दंपति ने बच्चों के बिजनेस में कामयाब न होने के चलते बढ़े कर्ज और अन्य समस्याओं का जिक्र करते हुए सुसाइड की बात लिखी है। इसमें उन्होंने सुसाइड के लिए खुद को ही जिम्मेदार बताया है।
दिल्ली पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस घटना की जानकारी ज्योति नगर थाने को रात करीब 12.05 बजे मिली। इसके बाद पुलिस की एक टीम वेस्ट ज्योति नगर में उस घर पर पहुंची, जहां पति-पत्नी के शव अलग-अलग कमरों में मिलने का दावा किया गया था। दोनों ने कथित तौर पर छत से दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। पुलिस ने बताया कि पति-पत्नी ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उन्होंने इस तरह का कदम उठाने के पीछे आर्थिक तंगी को वजह बताया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा "जोड़े को हाल ही में नुकसान के कारण अपना बिजनेस बंद करना पड़ा था और उनके दो बेटे भी परिवार को आर्थिक रूप से मदद नहीं कर रहे थे।"
पुलिस सूत्रों का कहना है कि मृतक अजय कुमार सोनिया विहार में मेडिकल स्टोर चलाते थे, जबकि उनकी पत्नी रीता हाउस वाइफ थीं। अजय कुमार का बड़ा बेटा 29 साल का भास्कर कुछ समय से अजय के साथ मेडिकल स्टोर पर काम कर रहा था। जबकि छोटा बेटा 25 साल का शरद एक निजी कंपनी में काम करता है। पुलिस पूछताछ में भास्कर ने बताया कि जब वह रात करीब 11 बजे घर लौटे तो उन्होंने मां-बाप से खाने के बारे में पूछा। इसपर दोनों ने भूख नहीं होने की बात कहते हुए घर में खाना नहीं बनने की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने भास्कर को बाहर खाना जाकर खाना खाने को कहा।
भास्कर ने पुलिस को बताया कि माता-पिता के कहने पर वह बाहर खाना खाने चला गया। इसके बाद वह रात करीब पौने 12 बजे घर लौटा। बकौल भास्कर घर में घुसते ही उसने देखा कि उसके माता-पिता अलग-अलग कमरों में फंदे से लटक रहे हैं। इसके बाद उसने ही मामले की सूचना पुलिस को दी। आनन-फानन मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को जीटीबी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पुलिस ने बताया कि कपल के रिश्तेदारों ने नोट में कपल द्वारा बताए गए कारणों की पुष्टि की है। अधिकारियों ने बताया कि रिश्तेदारों ने पुलिस को यह भी बताया कि उनके दो बेटों की लंबे समय से बेरोज़गारी के कारण कपल की चिंताएं और बढ़ गई थीं। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है, जो अप्राकृतिक मौत के मामलों में जांच प्रक्रिया से संबंधित है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए गुरु तेग बहादुर अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के नतीजे मिलने के बाद मौत के सही कारणों का पता चलेगा।
Published on:
31 Jan 2026 12:33 pm

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