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गुरुग्राम के सनसनीखेज हत्याकांड में चचेरा भाई निकला मास्टर माइंड, यू-ट्यूब पर सर्च किए हत्या के तरीके

Crime यू-ट्यूब देखकर वारदात को अंजाम देने के लिए बनाए दो प्लान A और प्लान B

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प्रतीकात्मक फोटो ( स्रोत Gemini )

Crime गुरुग्राम में 50 वर्षीय कैंटीन संचालक की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मृतक के चचेरे भाई समेत दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता मरने वाले का चचेरा भाई ही निकला। चचेरे भाई ने संजय की हत्या के लिए दो प्लान तैयार किये थे। अगर पहला प्लान फेल हुआ तो तुरंत प्लान B से एक्शन करना था। वारदात के समय ऐसा ही हुआ। प्लान A फेल होने पर तुरंत प्लान B के तहत संजय को गोलियों से भून दिया गया था।

2011 के विवाद ने कराई संजय की हत्या

पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि इस हत्याकांड के पीछे वर्ष 2011 से दोनों भाइयों के बीच चल आ रहा कारोबारी विवाद वजह बना। छह जनवरी की सुबह संजय शर्मा अपने घर से सेक्टर 34 स्थित कैंटीन पर जाने के लिए निकला था। रास्ते में सेक्टर 37 डी में राम पार्क के पास उनकी कार को एक अन्य वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर के बाद संजय बच गए और उन्होंने कार से नीचे उतरकर देखा कि क्या हुआ ? यहीं पर प्लान B को काम करना था। संजय के कार से उतरते ही हमावरों ने उन पर गोलियां चला दी और फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल संजय को अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हे मृत घोषित कर दिया।

वार कच्चा ना रहे इसके लिए बनाए दो प्लान

इस घटना की FIR सात जनवरी को सेक्टर 10 थाने में दर्ज कराई गई। जब पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड की परतें खोलनी शुरू की तो पता चला कि संजय को फिल्मी अंदाज में मारा गया। योजना बनाई गई थी की एक्सीडेंट करके उसको मौत के घाट उतार दिया जाएगा। यह पलान A था। इसके साथ ही प्लान B भी बनाया गया था। प्लान B के तहत एक्सीडेंट से बचने पर प्लान B के तहत संजय को गोलियों से भून देना था। एक्सीडेंट के बाद जैसे ही संजय अपनी क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकला तो उसे गोली मार दी गई।

एक मुजफ्फरनगर तो दूसरा देहरादून से गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने गुरुदत्त शर्मा उर्फ बालेश्वर शर्मा को गिरफ्तार किया। गुरुदत्त रोहतक के गांव दहकोरा का रहने वाला है। इसके साथी 48 वर्षीय अनिल को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अनिल कंडोरा गांव का रहने वाला है। कंडोरा गांव उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में पड़ता है। हत्या की इस वारदात को अंजाम देने के बाद से ही दोनों आरोपी हमलावर फरार चल रहे थे। पुलिस ने इनमें से एक को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया तो दूसरे को देहरादून से पकड़ा। पूछताछ में गुरुदत्त ने बताया कि संजय उसके मामा का बेटा था। दोनों ने मिलकर 2011-12 में देहरादून में एक कैफे स्टार्ट किया, लेकिन कुछ ही दिन इनकी पार्टनरशिप चली और दोनों के बीच विवाद हो गया। इसी विवाद के बाद गुरुदत्त ने अपने चचेरे भाई की हत्या का षड्यंत्र रचा और अपने साथी के साथ मिलकर इसकी बेहरमी से हत्या कर दी।

अब पुलिस कर रही विस्तार से पूछताछ

दोनों ने संजय को मारने के लिए काफी रिसर्च किए। यू-ट्यूब पर हत्या के कई तरीके सर्च किए। इनमें से एक तरीके के तहत इन्होंने दो प्लान बनाए। इन्ही प्लान के तहत संजय को मारने के लिए दोनों पहुंचे और रेकी के बाद उसकी कार को टक्कर मार दी गई। पुलिस अब दोनों से विस्तार से पूछताछ कर रही है।