दिल्ली में लोगों को स्मार्ट अर्बन फार्मिंग के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। अपने घरों की छतों पर, दीवारों पर व बालकनियों समेत कई अन्य जगहों पर, ऑफिसों में अर्बन फार्मिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार की तरफ से यह ट्रेनिंग लोगों को दी जाएगी। इसमें इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईएआरआई) के विशेषज्ञों द्वारा यह ट्रेनिंग अगस्त से शुरू होगी। जिसमें अर्बन फार्मिंग के विभिन्न पहलुओं को लोगों को सिखाया जाएगा।
दिल्ली में लोगों को अर्बन फार्मिंग की ट्रेनिंग मिलेगी। दिल्ली सरकार की तरफ से अगस्त महीने से लोगों को अर्बन फार्मिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। दिल्ली के पूसा स्थित इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईएआरआई) के विशेषज्ञों द्वारा लोगों को यह ट्रेनिंग दी जाएगी। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इस परियोजना को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में पर्यावरण विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी शामिल रहे। बैठक में अर्बन फार्मिंग के लिए दिल्लीवासियों को ट्रेनिंग देने का फैसला लिया गया। घरों में, टैरेस पर और दीवारों पर नए-नए तरीकों से फार्मिंग के विभिन्न पहलुओं को लोगों को सिखाया जाएगा। गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली सरकार राजधानी के शहरी इलाकों में स्मार्ट अर्बन फार्मिंग को बढ़ावा देगी। अर्बन फार्मिंग से शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों का खेती के प्रति जुड़ाव भी बढ़ेगा और दिल्ली के हरित क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा।
बालकनी में फल-सब्जियों को उगा सकेंगे
गोपाल राय ने कहा कि वह लोग जो अपने घर की खपत या बिजनेस करने के उद्देश्य से घर की छत या बालकनी में फल-सब्जियां उगाना चाहते हैं। उनको दिल्ली सरकार ट्रेनिंग देगी। अर्बन फार्मिंग से सम्बंधित लोगो को ट्रेनिंग देने के लिए आईएआरआई के विशेषज्ञों अगस्त महीने से ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू करेंगे। इस परियोजना के तहत पूरी दिल्ली में 400 अवेयरनेस वर्कशॉप और 600 एंटरप्रेन्योरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे।
इंडस्ट्री पार्टनर देंगे एंटरप्रन्योरशिप ट्रेनिंग
इस परियोजना के तहत आईएआरआई के सहयोग से 400 अवेयरनेस वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी। इसमें सबसे पहले मास्टर ट्रेनर को ट्रेनिंग दी जाएगी। उसके बाद 400 वर्कशॉप आयोजित होंगी। इन वर्कशॉप के तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा। वहीं, इंडस्ट्री पार्टनर्स की ओर से भी एंटरप्रन्योरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाया जाएगा। इस परियोजना के जरिए राजधानी को शहरी कृषि क्लस्टर विकसित करने का उद्देश्य है। जिसके तहत 600 एंटरप्रेन्योरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन होगा।