दिल्ली ग्राम पंचायत संघ ने समस्त गांवों के साथ अनधिकृत कॉलोनियों को भी हक दिलाने के लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। इस तरह गांवों व अनधिकृत कालोनियों की 18 सूत्री मांगों को तैयार किया गया है। बुधवार को संघ द्वारा दिल्ली के पालम में 360 गांवों के प्रधान रहे स्वर्गीय चौधरी रामकरण सोलंकी की 70वें जयंती दिवस के उपलक्ष्य पर दिल्ली के मटियाला में महापंचायत का आयोजन हुआ। जिसमें इन 18 मांगों को महापंचायत का समर्थन मिला।
महापंचायत में चौधरी रामकरण सोलंकी को नमन व याद करते हुए दिल्ली के सभी गांवों की तरफ से उनके द्वारा किए गए प्रयासों को सराहा गया। पंचायत संघ ने उनके पुत्र 360 गांवों के अध्यक्ष चौधरी सुरेंद्र सोलंकी को गांवों के हितों में कार्य करने के लिए धन्यवाद अर्पित किया। इस समारोह में केंद्रीय पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन राज्य मंत्री व भाजपा सांसद संजीव बालियान, दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री व नजफगढ़ से विधायक कैलाश गहलोत, कांग्रेस नेता व वेस्ट दिल्ली के पूर्व सांसद महाबल मिश्रा भी शामिल हुए। इस अवसर पर दिल्ली ग्राम पंचायत संघ के प्रमुख थान सिंह यादव व 360 गांवों की तरफ से सुरेश शौकीन व 8 गांव के प्रमुख ने स्वर्गीय चौधरी रामकरण सोलंकी के दिल्ली के गांव के प्रति उनके अटूट समर्पण को याद किया और पंचायत संघ ने भी उनके कार्यों को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। इस महापंचायत में 18 सूत्रीय मांगों का समर्थन किया गया।
दिल्ली ग्राम पंचायत संघ की ये हैं 18 सूत्रीय मांग
1. ग्रामीणों को मालिकाना हक मिले।
2. गांवों व अनधिकृत कालोनियों को सभी प्रकार के टैक्सों से मुक्ति दी जाए।
3. गांवों व अनधिकृत कालोनियों को भवन उप नियम से बाहर रखा जाए।
4. गांवों को व्यावसायिक श्रेणी में शामिल किया जाए और अनधिकृत कालोनियों में व्यावसायिक गतिविधि करने की स्वीकृति दी जाए।
5. शहरीकृत गांवों में पार्किंग व्यवस्था की जाए।
6. गांवों व अनधिकृत कालोनियों के बच्चों के लिए शिक्षा व्यवस्था की जाए।
7. गांवों के युवाओं को नौकरी में आरक्षण दिया जाए।
8. भूमिहीनों व गरीबों को मकान दिए जाए।
9. गांवों की पहचान बनाए रखी जाए।
10. गांवों व अनधिकृत कालोनियों की सील संपत्तियों को खोला जाए।
11. गांवों व अनधिकृत कालोनियों में बहुमंजिला भवन बनाने की छूट दी जाए।
12. गांवों की उपयोग में नहीं लाई गई अधिग्रहण की कृषि भूमि वापस की जाए।
13. लैंड पूलिंग पॉलिसी रद्द की जाए।
14. कृषि भूमि का सर्कल रेट बढ़ाया जाए।
15. म्यूटेशन करनी शुरू की जाए।
16. ग्राम सभा को कृषि भूमि अधिग्रहण के दौरान बाहर रखा जाए।
17. गांवों के मुख्य मार्ग व फिरनी रोड चौड़े रखे जाए।
18. गांवों व अनधिकृत कॉलोनियों के मकानों व दुकानों के किराए पर कोई टैक्स नहीं लगाया जाए।