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खाकी बेबस, माफिया बेखौफ… होली से पहले ‘बोतलों’ के आगे सरेंडर हुआ सिस्टम! शराब के सौदागरों ने खरीदी दिल्ली की सुरक्षा?

Delhi Liquor Smuggling: होली पर भी शराब की तस्करी रोकने के ठोस प्रयास नहीं हो सके हैं। स्टाफ की कमी के कारण व्यवस्था प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में दिल्ली में अवैध शराब की तस्करी की आशंका बनी हुई है।

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Delhi Liquor Smuggling: राजधानी में होली के हुड़दंग से पहले लाल पानी का काला कारोबार चरम पर है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि दिल्ली की सुरक्षा दीवार में इतने छेद हैं कि शराब माफिया इसे आसानी से लांघ रहे हैं। जब रक्षक ही मुट्ठी भर हों, तो भक्षकों को रोकना नामुमकिन सा हो गया है। दिल्ली के आबकारी विभाग का जो प्रवर्तन विंग तस्करी रोकने के लिए बना था, वह खुद वेंटिलेटर पर है। सूत्रों की मानें तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सिस्टम का घुटने टेकना है। जहां 60 जांबाज अफसरों की जरूरत थी, वहां सिर्फ 17 के भरोसे पूरी दिल्ली की सरहदें छोड़ दी गई हैं। यानी 43 पद खाली और माफिया के लिए रास्ते हाइवे जैसे खुले।

शराब की खेप मंगवाने वाले सौदागरों की चांदी है

दिवाली और नए साल के बाद अब होली पर दिल्ली को अवैध और जहरीली शराब के समंदर में डुबोने की साजिश रची जा चुकी है। पड़ोसी राज्यों से सस्ती शराब की खेप मंगवाने वाले सौदागरों की चांदी है, क्योंकि दिल्ली की खाकी के पास न तो पर्याप्त हाथ हैं और न ही संसाधन। विभाग भले ही दावों की घुट्टी पिला रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि 17 जवान बनाम हजारों तस्कर की इस जंग में दिल्ली की हार तय लग रही है।

दिल्ली में ज्यादा खतरा

दीवाली और नए साल के बाद होली ऐसा अवसर होता है जब दिल्ली में बड़े स्तर पर अवैध शराब की आपूर्ति होने की आशंका रहती है। आबकारी विभाग ने इसे रोकने की भी कोशिश किए हैं। दूसरे राज्यों में सस्ती होने के कारण दिल्ली में शराब की तस्करी का खतरा ज्यादा रहता है। मगर जब विभाग के पास ना कर्मचारी ना संसाधन पर्याप्त हों तो ऐसे में किस तरह अवैध शराब पर रोक लगाई जा रही होगी यह समझने वाली बात है। पिछले कुछ सालों को देखें तो यह कार्रवाई पूर्व के सालों से कम होती जा रही है।

कर्मचारियों की भारी कमी

इसका बड़ा कारण विभाग के प्रवर्तन विंग में कर्मचारियों की भारी कमी माना जा रहा है। हालांकि आबकारी विभाग का दावा है कि विभाग पूरी तरह से शराब की तस्करी रोकने के लिए काम कर रहा है और दिल्ली की सीमा सहित तस्करी वाले संभावित क्षेत्रों में टीमें तैनात की गई हैं।

60 में से 43 पद खाली

विभाग की स्थिति की बात करें तो विभाग की सतर्कता विंग में कुल 60 स्वीकृत पदों में से 43 खाली पड़े हैं। केवल 17 पद भरे हुए हैं। इसी विंग पर अवैध शराब की गतिविधियां रोकने की जिम्मेदारी है। दिल्ली में भाजपा की सरकार आने के बाद होली चौथा ऐसा मौका है जब शराब की तस्करी रोकने के लिए पर्याप्त स्टाफ और संसाधन उपलब्ध नहीं हो पाए हैं।