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Delhi Excise Policy: एलजी ऑफिस ने एक्साइज पॉलिसी के लागू होने से पहले बदली शर्त, मामले में हो CBI जांच – डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया

दिल्ली सरकार को नई एक्साइज पॉलिसी को लागू होने से करोड़ों रुपये का फायदा होना था। लेकिन उपराज्यपाल कार्यालय ने पॉलिसी के लागू होने से दो दिन पहले पॉलिसी में शर्त बदल दी। जिसके कारण दिल्ली के अनऑथराइज एरिया में नई एक्साइज पॉलिसी के तहत दुकानें नहीं खुल पाई। वैध इलाकों में दुकानें खुली और कुछ वेंडर्स को फायदा हुआ और दिल्ली सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। शनिवार को प्रेसवार्ता करते हुए डिप्टी सीएम ने मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की है।  

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Delhi Excise Policy: एलजी ऑफिस ने एक्साइज पॉलिसी के लागू होने से पहले बदली शर्त, मामले में हो CBI जांच - डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया

डिप्टी सीेएम मनीष सिसोदिया ने शनिवार को प्रेसवार्ता करते हुए एलजी कार्यालय पर नई आबकारी नीति के तहत कुछ आबकारी लाइसेंस धारकों को वित्तीय सहायता पहुंचाने का लगाया आरोप।

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने शनिवार को प्रेसवार्ता करते हुए आरोप लगाते हुए कहा है कि तत्कालीन उपराज्यपाल कार्यालय ने 17 नवंबर, 2021 नई एक्साइज पॉलिसी के लागू होने से दो दिन पहले 15 नवंबर, 2021 को नियम व शर्तें बदलते हुए अनऑथराइज क्षेत्र में यह शराब की दुकानें खोलने के लिए डीडीए और एमसीडी से अनुमति लेने के फैसले को मंजूरी दी। जबकि हमेशा से ही अनऑथराइज क्षेत्र में एक्साइज पॉलिसी के तहत उपराज्यपाल की मंजूरी के ही शराब की दुकानें खुलती रहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि एलजी कार्यलाय ने किसके कहने पर आखिरी दो दिनों में नियमों में बदलाव किया गया। इसको लेकर मैंने सभी दस्तावेजों के साथ मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। इस मामले को सीबीआई के संज्ञान में लाया गया है। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने सीबीआई निदेशक सुबोध कुमार जायसवाल को पत्र लिखकर नई एक्साइज पॉलिसी के तहत कुछ आबकारी लाइसेंसधारियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने में एलजी की भूमिका की जांच की मांग की है।

एक्साइज पॉलिसी के तहत एलजी से ही मंजूरी पर खुलती थी दुकानें

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि मैंने 2015 तक और उससे पहले की भी फाइलें देखी हैं। जिसमें यह सुनिश्चित हुआ है कि हमेशा से ही अनऑथराइज कॉलोनी में एक्साइज पॉलिसी के तहत शराब की दुकानें एलजी ऑफिस की मंजूरी के ही खुलती आई हैं। हमने मई 2021 में नई एक्साइज पॉलिसी का गठन किया था। जिसके तहत दिल्ली में पुरानी एक्साइज पॉलिसी के तहत ही कुल 849 दुकानें खुलनी थीं। हमने इस पॉलिसी का ड्राफ्ट बनाने से पहले देखा था कि दिल्ली के कुछ वार्ड व इलाकों में सही मात्रा में शराब की दुकानों का डिस्ट्रीब्यूशन नहीं हो रखा है। यह डिस्ट्रीब्यूशन सही मात्रा में हो सके, इसके लिए पॉलिसी का गठन किया गया था। एलजी ऑफिस को मई 2021 में फाइल भेजी गई। इसके बाद उन्होंने कुछ बदलाव करने को कहा। हमने बदलाव करके फिर से जून 2021 में नई एक्साइज पॉलिसी के लिए फाइल भेजी और उन्होंने उसे मंजूरी दे दी। नई एक्साइज पॉलिसी में भी कुल 849 दुकानें खोली जानी थी।

350 दुकानें नहीं खुल पाई, दिल्ली सरकार को हुआ करोड़ों का नुकसान

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि नवंबर 2021 में नई एक्साइज पॉलिसी के लागू होने से दो दिन पहले एलजी कार्यलाय द्वारा शर्तों में बदलाव करने के कारण अनऑथराइज कॉलोनी में करीब 350 दुकानें नहीं खुल पाई। कुल पॉलिसी के तहत जो सरकार के राजस्व को फायदा होना था। वह नहीं पो पाया और दिल्ली सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने नाम लेते हुए तत्कालीन एलजी अनिल बैजल व उनके कार्यालय पर आरोप लगाते हुए कहा कि नई एक्साइज पॉलिसी के तहत अनऑथराइज कॉलोनी में शराब की दुकानों को खोलने वाले लाइसेंस धारक कोर्ट में चले गए और उन्हें कोर्ट से दुकानें खोलने के लिए शुल्क न लेने, रिबेट देने की बात कही गई। इसके कारण अनऑथराइज कॉलोनी में शराब की दुकानें नहीं खुल पाई और सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ। वैध इलाकों में शराब की दुकानें खुली और उन्हें करोड़ों रुपये का फायदा हुआ।

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