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Waste to Energy Plant: गृह मंत्री अमित शाह ने तहखंड वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का किया उद्घाटन, 25 MW बिजली का होगा निर्माण

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दक्षिण पूर्वी दिल्ली के तहखंड में कचरे से एमसीडी द्वारा निर्मित बिजली बनाने (वेस्ट टू एनर्जी) के प्लांट का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली में हर रोज लगभग 7 हजार मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण होगा और 2 हजार मीट्रिक टन कूड़े को दोबारा उपयोग में लाया जाएगा। ये प्लांट हर रोज 25 मेगावाट बिजली का निर्माण करेगा। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना भी उद्घाटन कार्यक्रम में हुए शामिल।

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Waste to Energy Plant: हर दिन 2 हजार मीट्रिक टन कूड़े के डिस्पोजल के वेस्ट टू एनर्जी प्लांट हुआ शुरू, 25 MW बिजली का होगा निर्माण

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के तहखंड में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का उद्घाटन करने के बाद प्लांट का निरीक्षण किया। साथ में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना भी शामिल हुए।

दिल्ली में एमसीडी चुनाव को लेकर अब राजनीतिक दलों के बीच जुबानी हमले तेज हो गए हैं। अमित शाह ने प्लांट के उद्घाटन समारोह में अपने संबोधन में आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार और सीएम अरविंद केजरीवाल पर जमकर हमले किए। अमित शाह ने आरोप लगाते हुए कहा कि केजरीवाल ने लोगों को विज्ञापन के जरिए भ्रमित करने का प्रयास किया है। आप की सरकार एमसीडी के साथ भेदभाव करती है और फंड नहीं देती। दिल्ली में भले ही आप की सरकार हो ऊपर नरेंद्र मोदी हैं, इसलिए दिल्ली का काम रुकने वाला नहीं है। आजादी से पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वच्छता का संदेश दिया था। 70 सालों तक सभी ने इसे भुला दिया। 2014 में जब मोदी प्रधानमंत्री बने तो दोबारा इस संदेश को जमीन पर उतारा। एमसीडी के एकीकरण के बाद एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार होगा। जिससे दिल्ली, दुनिया की सबसे अच्छी राजधानी बने।

'केजरीवाल ने मान लिया कि प्रेस के इंटरव्यू से ही होता है विकास'

गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि केजरीवाल हर दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं, बड़े-बड़े विज्ञापन करते हैं। उन्होंने मान लिया है कि प्रेस के इंटरव्यू से ही विकास होता है। उन्होंने मान लिया है कि विज्ञापन से देश की जनता भ्रमित हो सकती है। यह भ्रम 5 साल, 7 साल चल सकता है। मगर धीरे धीरे जनता जानती है। मैं जनता को यह कहने आया हूं कि आप दिल्ली को आप निर्भर बनाना चाहती है और हम आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं। दिल्ली की जनता को तय करना है कि आप निर्भर दिल्ली चाहिए या आत्मनिर्भर दिल्ली चाहिए।

40 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बकाया एमसीडी को नहीं दिया

गृह मंत्री अमित शाह ने केजरीवाल सरकार पर एमसीडी का फंड रोकने का आरोप लगाते हुए कहा कि मैं केजरीवाल से पूछना चाहता हूं कि दिल्ली नगर निगम तीन बने थे, क्यों एक बनाना पड़ा। क्योंकि इनका 40 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बकाया आपने नगर निगमों को नहीं दिया। जिससे ये काम करने की स्थिति में नहीं रहे। उन्होंने कहा कि दिल्लीवासियों को विकास की राजनीति या विज्ञापन की राजनीति में से चुनाव करना है। प्रचार की राजनीति पसंद करती है या परिवर्तन की, भ्रष्टाचार की राजनीति को पसंद करती है या पारदर्शिता की राजनीति को यह दिल्ली की जनता को चुनना है। उनको लगता है कि अगर वे फंड नहीं देगी। तो दिल्ली की जनता एमसीडी के खिलाफ हो जाएगी, लेकिन हम घर घर जाकर लोगों को बताएंगे कि आपने एमसीडी के साथ कैसा व्यवहार किया है। लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देने का समय आ गया है।

कूड़े के पहाड़ों को हटाने के लिए कर रहे हैं कड़े प्रयास : उपराज्यपाल

दिल्ली के तहखंड में स्थापित नए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट से हर दिन 2 हजार मीट्रिक टन कूड़े का निपटान होगा। इससे तैयार होने से अब दिल्ली में हर दिन 7 हजार मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण होगा। प्लांट से प्रतिदिन 25 मेगावाट कूड़े से बिजली बनाने के साथ खाद व अन्य उपयोगी उत्पाद भी बनाए जाएंगे। वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता, दक्षिणी दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी, दिल्ली सरकार के चीफ सेक्रेटरी नरेश कुमार, एमसीडी के स्पेशल ऑफिसर अश्विनी कुमार, कमिश्नर ज्ञानेश भारती और दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी शामिल हुए। इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि हम दिल्ली में कचरे के ऐसे ढेर और पहाड़ों को हटाने के लिए कड़े प्रयास कर रहे हैं। पहले लैंडफिल साइटों पर कचरे को संसाधित करने के लिए 6 ट्रोमेल मशीनें काम कर रही थीं। अब 46 मशीनें तीनों लैंडफिल साइटों पर तेजी से काम कर रही हैं। लैंडफिल साइट पर वेस्ट को प्रोसेस करते हुए उसे दोबारा उपयोग में लाने, इनर्ट मटेरियल (निष्क्रिय मिट्टी सामग्री), आरडीएफ (रिन्यूबल एनर्जी का सोर्स) और सीएंडडी वेस्ट उत्पन्न करता है। डीडीए, पीडब्ल्यूडी के काम को भरने के लिए इनर्ट मटेरियल का उपयोग किया जा रहा है। इस संबंध में नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से भी बातचीत की जा रही है। जिससे वह भी इनर्ट मटेरियल का इस्तेमाल हाईवे के निर्माण में करें। आम लोगों, बिल्डरों से भी इनर्ट मटेरियल सामग्री उठाने में सहयोग करने की अपील की गई है। रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (आरडीएफ) एक सीमेंट कंपनी द्वारा जुटाया जा रहा है और इसका उपयोग वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में भी किया जा रहा है।

सहभागिता पहल से जुड़ रही हैं आरडब्ल्यूए
एलजी ने कहा कि एमसीडी द्वारा सहभागिता पहल के माध्यम से आरडब्ल्यूए को सोर्स पर ही कचरे को अलग करने और संसाधित (सेग्रिगेट) करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही पावर प्लांट के लिए और अधिक वेस्ट एनर्जी प्लांट स्थापित करेंगे। उसके बाद दिल्ली से रोजाना निकलने वाले सभी कचरे का निस्तारण वैज्ञानिक तरीके से संभव होगा और दिल्ली कचरा मुक्त होगी। उल्लेखनीय है कि आरडीएफ घरेलू और व्यावसायिक कचरे से उत्पन्न होता है। जिसमें बायोडिग्रेडेबल सामग्री के साथ-साथ प्लास्टिक भी शामिल होता है। इस प्रक्रिया के तहत कांच व धातु जैसे न जलने वाली सामग्री को हटा दिया जाता है और फिर बाकी सामग्री को काट दिया जाता है।

15 एकड़ की जमीन पर बना है वेस्ट टू एनर्जी प्लांट

दिल्ली के तहखंड में स्थापित नए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के बारे में जानकारी देते हुए एमसीडी के स्पेशल ऑफिसर अश्विनी कुमार ने बताया कि यह प्लांट 15 एकड़ जमीन पर बना है, जिसकी क्षमता को बढ़ाया भी जा सकता है। बवाना में 3 हजार मीट्रिक टन क्षमता का प्लांट भी प्रस्तावित है। जिसके बाद हम दिल्ली में सभी कचरे को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस कर पाएंगे। एमसीडी गाजीपुर, बवाना में भी और प्लांट लगाएगी। जिससे शहर के कचरे का परिवहन खर्च भी कम हो सके। इस प्लांट को एमसीडी ने जेआईटीएफ अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ मिलकर स्थापित किया है। जिसमें प्लांट व मशनरी को कंपनी ने लगाया है। इस पूरो प्रोजेक्ट पर 475 करोड़ रुपए का खर्च आया है।